
Awareness Camps to Promote Paddy Stubble Management : बठिंडा। धान की पराली जलाने पर रोक लगाने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले के विभिन्न गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित किए।
उपायुक्त राजेश धीमान के निर्देशों और मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरप्रीतपाल कौर के नेतृत्व में लगाए गए इन शिविरों में किसानों को पराली प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, सरकारी सब्सिडी पर उपलब्ध मशीनरी और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। किसानों को खेतों में ही फसल अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो। शिविरों में गेहूं व सरसों की खेती, किसान आईडी और सब्सिडी पर मिलने वाले सरसों व चने के बीजों के बारे में भी बताया गया।
बठिंडा के उपायुक्त राजेश धीमान के निर्देशों और मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरप्रीतपाल कौर के नेतृत्व में आयोजित इन शिविरों में किसानों को पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनरी और तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई, जो सरकारी सब्सिडी पर मिल सकती हैं। इस सिलसिले में जस्सी बाग वाली, कोट गुरु, बांगी रुल्डू (रामा सर्कल), बांडी, गोनियाना खुर्द, मलुका (नगर पंचायत), बीबी वाला, चौके और बुलाधेवाला जैसे विभिन्न गांवों में किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाए गए। इस दौरान किसानों को पराली प्रबंधन, गेहूं और सरसों की खेती, ‘किसान आईडी’ (Farmer ID) प्रणाली और विभाग की अन्य चल रही योजनाओं के बारे में बताया गया।
शिविरों में किसानों से अपील की गई कि वे फसल के अवशेषों का प्रबंधन अपने खेतों में ही करें; इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है और रासायनिक खादों की जरूरत कम हो जाती है। साथ ही, विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी दरों पर उपलब्ध सरसों और चने के बीजों के बारे में भी जानकारी दी गई। इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें कृषि विभाग के विभिन्न ब्लॉकों के अधिकारी, प्रगतिशील किसान और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।