
Ban on Restricted Firecrackers; Violators Face Action : अमृतसर। त्योहारों के दौरान प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा के अनुसार, दिवाली और भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस पर रात 8 से 10 बजे तक, जबकि गुरुपर्व पर सुबह 4 से 5 बजे और रात 9 से 10 बजे तक पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी।
क्रिसमस ईव और न्यू ईयर ईव पर रात 11:55 बजे से अगले दिन रात 12:30 बजे तक निर्धारित समय में पटाखे जलाए जा सकेंगे। प्रशासन ने प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाते हुए केवल अनुमत ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय के बाहर पटाखे फोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शादियों, शोभायात्राओं और नगर कीर्तनों में पटाखे चलाने के लिए भी आवश्यक लाइसेंस और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए, जिले में दिवाली, भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस, गुरपुरब, क्रिसमस और नए साल के दिन पटाखे जलाने के लिए विशेष समय-सीमा तय की गई है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पूरी तरह से वर्जित है। केवल ‘ग्रीन’ पटाखों—यानी ऐसे पटाखे जिनमें लिथियम, पारा, आर्सेनिक, सीसा (लेड) या बेरियम साल्ट जैसे हानिकारक तत्व नहीं होते—को ही बेचने और इस्तेमाल करने की अनुमति है।
उन्होंने आगे बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल रिट याचिका संख्या 728/2015 (दिनांक 13 अक्टूबर, 2018) में दी गई छूट के अनुसार, दिवाली, गुरपुरब, क्रिसमस और नए साल के मौके पर केवल तय समय-सीमा के भीतर ही पटाखे फोड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली और भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस पर रात 8:00 बजे से रात 10:00 बजे के बीच पटाखे फोड़े जा सकते हैं; गुरपुरब के दिन, सुबह 4:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक और रात 9:00 बजे से रात 10:00 बजे तक पटाखे फोड़े जा सकते हैं।
इसी तरह, क्रिसमस ईव और न्यू ईयर ईव (नए साल की पूर्व संध्या) पर, पटाखे फोड़ने के लिए रात 11:55 बजे से अगली सुबह 12:30 बजे तक का समय तय किया गया है। इन तय समय-सीमाओं के बाहर पटाखे फोड़ना मना है, और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी वेबसाइट या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को पटाखे बेचने की अनुमति नहीं होगी।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि शादियों जैसे आयोजनों के लिए, मैरिज पैलेस के मालिकों को पटाखे फोड़ने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है, और उन्हें सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, शोभा यात्राओं, नगर कीर्तनों, प्रभात फेरियों और इसी तरह के अन्य आयोजनों के दौरान पटाखे फोड़ने के लिए भी लाइसेंस लेना जरूरी है। इन मौकों पर, घनी आबादी वाले इलाकों और आग लगने के खतरे वाले क्षेत्रों में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।