पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े केस में नया अपडेट आया है। बता दें कि मजीठिया के वकीलों ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक नई पिटीशन दायर कर विजिलेंस की ओर से 16 नवंबर को दाखिल की गई एप्लीकेशन को रिकॉर्ड पर शामिल करने की मांग की थी।
हाई कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद इस अर्जी को आज रिकॉर्ड पर लेने का आदेश दे दिया है, जिससे केस में नई कानूनी बहस की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
बेल पिटीशन का फैसला पहले ही सुरक्षित रखा गया था
20 नवंबर को हाई कोर्ट ने मजीठिया की बेल पिटीशन पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस समय पंजाब सरकार ने कोर्ट में यह कहते हुए जमानत का विरोध किया था कि मामले की जांच अभी जारी है और ऐसे में बेल देना उचित नहीं होगा।
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मोहाली ट्रायल कोर्ट में नई एप्लीकेशन से बढ़े सवाल
दिलचस्प बात यह है कि फैसला सुरक्षित होने के कुछ ही दिनों बाद, 26 नवंबर को केस के जांच अधिकारी ने मोहाली ट्रायल कोर्ट में एक नई एप्लीकेशन दाखिल की। इस एप्लीकेशन में साफ कहा गया कि मजीठिया के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है।
यही विरोधाभास उठाते हुए मजीठिया के वकीलों ने हाई कोर्ट में दलील दी कि सरकार ने हाई कोर्ट में गलत जानकारी देकर कहा कि जांच अभी चल रही है, जबकि ट्रायल कोर्ट में स्वयं स्वीकार कर लिया गया है कि जांच पूरी हो चुकी है।
हाई कोर्ट ने सरकार से कड़े सवाल पूछे
हाई कोर्ट ने इस स्थिति पर पंजाब सरकार से सख्त स्वर में पूछा- “जब ट्रायल कोर्ट में आप कह रहे हैं कि जांच पूरी है, तो हाई कोर्ट में इसका उलटा दावा कैसे कर सकते हैं?”
सरकार ने अर्जी को रिकॉर्ड पर लेने का विरोध करते हुए कहा कि दलीलें समाप्त हो चुकी हैं और फैसला सुरक्षित है, इसलिए नई अर्जी स्वीकार नहीं हो सकती। लेकिन हाई कोर्ट ने सरकार की सभी दलीलों को खारिज करते हुए मजीठिया पक्ष की अर्जी को रिकॉर्ड पर शामिल करने का आदेश दे दिया।

