Last Updated: November 6, 2026

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उखड़ी सड़क, अधूरा सीवरेज; एस्टीमेट खत्म, काम लटका

August 19, 2026

उखड़ी सड़क, अधूरा सीवरेज; एस्टीमेट खत्म, काम लटका

Broken road, incomplete sewerage work : फरीदकोट। सीवरेज और सड़क निर्माण का काम अधर में लटकने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क उखाड़ने के बाद सीवरेज का काम पूरा नहीं हो सका और अब एस्टीमेट खत्म होने के कारण काम रुक गया है। इन नए आवेदनों को जमा करने की आखिरी तारीख 3 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे तक थी।

डिप्टी कमिश्नर और ज़िला स्तरीय कार्यकारी समिति के चेयरमैन श्री राहुल चाबा ने बताया कि CRM स्कीम फ़ेज़-2 में निजी किसान श्रेणी (50% सब्सिडी) के तहत कुल 593 आवेदन मिले थे। इनका ड्रॉ निकाला गया और पहले फ़ेज़ से बचे फंड के आधार पर आवेदनों का चयन किया गया। उन्होंने बताया कि CHC श्रेणी (80% सब्सिडी) के लिए आवंटित फंड को देखते हुए, प्राथमिकता के आधार पर केवल सहकारी समितियों को ही चुना गया है।

उन्होंने बताया कि ड्रॉ की सभी सूचियां फ़रीदकोट के मुख्य कृषि कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगा दी गई हैं और किसान वहां जाकर अपनी रैंक देख सकते हैं। इसके अलावा, ये सभी सूचियां WhatsApp पर बने किसान समूहों में भी शेयर की गई हैं। उन्होंने चुने गए किसानों से अपील की कि वे अपने ज़रूरी दस्तावेज़, जैसे आवेदन की कॉपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट पासबुक/कैंसिल्ड चेक, ज़मीन के मालिकाना हक का सबूत, ट्रैक्टर RC, जाति प्रमाण पत्र (सिर्फ़ SC श्रेणी के लिए) आदि तुरंत अपने गांव के कृषि विकास/विस्तार अधिकारी या संबंधित ब्लॉक कृषि कार्यालय में जमा करें।

डॉ. गुरप्रीत सिंह ने कहा कि इस योजना का मकसद किसानों को पराली और फसल अवशेष जलाने से रोककर पर्यावरण को स्वच्छ बनाना और उन्हें खेत में ही पराली मिलाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि इस बार हमारा लक्ष्य फ़रीदकोट ज़िले को “ज़ीरो स्टबल बर्निंग डिस्ट्रिक्ट” (पराली न जलाने वाला ज़िला) बनाना है और इस मुहिम में हर किसान का सहयोग बहुत ज़रूरी है। उन्होंने अपील की कि यह कोशिश न सिर्फ़ उनके खेतों की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने के लिए है, बल्कि पर्यावरण, हवा और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए भी है।

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