
पंजाब डेस्क। पंजाब कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत सरकार का लक्ष्य 11,020 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस नीति को स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद पंजाब के वित्त एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मीडिया को संबोधित किया और नई नीति की मुख्य बातों को साझा किया।
आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य
आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि उनके विभाग का लक्ष्य इस साल मार्च के अंत तक 10,200 करोड़ रुपये जुटाने का है। इससे पहले, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 10,145 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान आबकारी विभाग से केवल 6,100 करोड़ रुपये की ही कमाई होती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है।
शराब की दुकानों का ई-टेंडरिंग के जरिए आवंटन
नई आबकारी नीति के तहत अब शराब की दुकानों का आवंटन ई-टेंडर प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं को रोका जा सकेगा। इसके अलावा, देसी शराब के कोटे को भी तीन प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया गया है।
अवैध शराब पर सख्ती के लिए नए आबकारी पुलिस थाने बनेंगे
पंजाब सरकार ने अवैध शराब के कारोबार पर कड़ी नजर रखने और इस पर अंकुश लगाने के लिए नए आबकारी पुलिस थाने स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक विशेष समिति भी बनाई गई है, जो इस दिशा में काम करेगी।
शराब पर बढ़ा गौ कल्याण उपकर
नई नीति के तहत शराब पर लगाए जाने वाले गौ कल्याण उपकर को बढ़ा दिया गया है। पहले यह उपकर 1 रुपये प्रति प्रूफ लीटर था, जिसे अब बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कर दिया गया है। इस फैसले से सरकार को 16 से 24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
पंजाब में नया बॉटलिंग प्लांट लगाने की मंजूरी
राज्य सरकार ने शराब के उत्पादन और आपूर्ति को मजबूत करने के लिए एक नया बॉटलिंग प्लांट स्थापित करने की भी मंजूरी दी है। इससे न केवल शराब उद्योग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।
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