Calls for Education, Jobs and Drug-Free Punjab : मोगा। सर्व भारत नौजवान सभा और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की ओर से शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्मदिवस मनाते हुए नौजवानों ने मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, नशामुक्ति और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई गई।
वक्ताओं ने युवाओं से जनहित के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर नौजवानों की ओर से मार्च निकाला गया और भगत सिंह के विचारों को याद करते हुए शिक्षा, रोजगार, नशामुक्ति तथा सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई गई। कार्यक्रम के दौरान नौजवानों ने केंद्र व पंजाब सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। इस मौके पर सर्व भारत नौजवान सभा के पूर्व राज्य सचिव कामरेड कुलदीप सिंह भोला ने कहा कि भगत सिंह का जन्मदिवस मनाने का अर्थ केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और समाज संबंधी सपनों को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करना है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के सामने शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं। युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के हर युवा को शिक्षा का अधिकार और अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। युवा मेहनत करके डिग्रियां और विभिन्न कोर्स पूरे करते हैं, लेकिन रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है। कामरेड भोला ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल नशा विरोधी अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के अवसर उपलब्ध करवाना भी जरूरी है। उन्होंने मांग की कि शहीद भगत सिंह के नाम पर राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून बनाया जाए, जिसके तहत युवाओं को रोजगार की गारंटी मिल सके।
इस अवसर पर सुखजिंदर सिंह महेशरी ने कहा कि भगत सिंह जिस समाज का सपना देखते थे, उसमें शिक्षा और रोजगार युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे थे। उन्होंने कहा कि आज पंजाब की युवा पीढ़ी बेरोजगारी, नशे और विदेश जाने की मजबूरी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। सरकारों को युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। महेशरी ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग करते हुए कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के साथ उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने निजीकरण की बजाय सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने पर जोर दिया। आगूओं ने कहा कि भगत सिंह को केवल जन्मदिवस या शहीदी दिवस पर याद करने के बजाय उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार, नशामुक्ति और जनहित के मुद्दों को लेकर संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...