अमृतसर: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन द्वारा पाकिस्तान में लंबे समय से बंद गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का कॉरिडोर को फिर से न खोलने के बारे में संसद में दिए गए जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह सिख भावनाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला है और सरकार को सिख भावनाओं के अनुसार फैसला लेना चाहिए।
एडवोकेट धामी ने कहा कि गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब श्री करतारपुर साहिब वह पवित्र स्थान है जहां साहिब श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के आखिरी साल बिताए और पूरी मानवता को कर्म, नाम जप और बांटने का संदेश दिया। इस पवित्र स्थान पर जाना दुनिया भर के सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही प्रार्थनाओं और धार्मिक आस्था से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर का लंबे समय तक बंद रहना समुदाय की धार्मिक भावनाओं को बहुत ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान के ये कॉरिडोर दोनों देशों के लोगों के लिए शांति का संदेश हैं, जिस पर किसी को एतराज़ नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि देश की सुरक्षा हर सरकार की पहली ज़िम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ ही धार्मिक आज़ादी और भक्तों की भावनाओं का सम्मान भी उतना ही ज़रूरी है। इसलिए सरकार को भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए असरदार इंतज़ाम करने चाहिए और मामले का जल्दी रिव्यू करके कॉरिडोर को फिर से खोलने का फ़ैसला करना चाहिए।
मेष: दिन शुभ रहेगा...