पंजाब डेस्क: आम लोगों के लिए नवंबर से बिजली का बिल थोड़ा भारी होने वाला है। बता दें कि चंडीगढ़ में रहने वालों के लिए चंडीगढ़ पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी की योजना बनाई है, जिसे हाल ही में जेईआरसी (JERC) ने मंजूरी दी है।
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नई दरों और स्लैब का ढांचा
घरेलू उपभोक्ताओं को अब तीन कैटेगरी में विभाजित किया जाएगा और स्लैब प्रणाली को भी दो से बढ़ाकर पांच कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर अलग-अलग दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।
दर वृद्धि पर JERC की प्रतिक्रिया
CPDL ने 7.57% दर बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन जेईआरसी ने केवल 1% की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह कदम उपभोक्ताओं पर वित्तीय दबाव कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। आगे आने वाले पांच वर्षों में सालाना सिर्फ 2% दर वृद्धि की संभावना है।
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राजस्व और खर्च का अनुमान
नई दरों के लागू होने के बाद CPDL को नवंबर से लगभग 1075 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। वहीं, कंपनी का सालाना खर्च लगभग 1157 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई स्लैब प्रणाली से खपत के हिसाब से बिल अधिक न्यायसंगत तरीके से लगेंगे। हालांकि, कम दर वृद्धि के बावजूद आम लोगों को कुछ अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।

