Last Updated: October 15, 2026

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मुख्य सचिव ने की इंजीनियरिंग विभाग के प्रोजैक्टों की समीक्षा

October 15, 2025

मुख्य सचिव ने की इंजीनियरिंग विभाग के प्रोजैक्टों की समीक्षा

चंडीगढ़: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मुख्य सचिव, एच. राजेश प्रसाद ने सड़कों, सरकारी और संस्थागत भवनों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्माण और रखरखाव परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए इंजीनियरिंग विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने शहर के बुनियादी ढांचे को उसकी बढ़ती प्रशासनिक और नागरिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने के लिए नवीनीकरण, क्षमता और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया। तकनीकी कर्मचारियों की स्वीकृत संख्या, रिक्त पदों और रिक्त पदों को भरने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में एक व्यापक प्रस्तुति दी गई।

मुख्य सचिव ने कार्यों के निष्पादन में कार्य कुशलता लाने के लिए, विशेष रूप से तकनीकी संवर्ग में, रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इंजीनियरिंग विभाग शहर के बुनियादी ढांचे की योजना, विकास और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और परियोजनाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने विभाग को परियोजनाओं के निष्पादन में आने वाली बाधाओं की बारीकी से निगरानी करने और उनकी पहचान करने तथा जहां अंतर-विभागीय मुद्दे शामिल हैं, वहां अन्य विभागों के परामर्श से उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मुख्य सचिव प्रसाद ने निर्देश दिया कि वित्तीय शक्तियों के संशोधित प्रत्यायोजन के मद्देनजर, जिन नए प्रस्तावों,योजनाओं के लिए गृह मंत्रलय की स्वीकृति आवश्यक है, उन्हें सहमति के लिए शीघ्रता से मंत्रलय को प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने विभाग को परियोजनाओं के Rियान्वयन में समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित बजट का उपयोग करने का भी निर्देश दिया। बैठक के दौरान, मुख्य सचिव को विभाग की प्रमुख पहलों और सर्वोत्तम प्रथाओं से अवगत कराया गया। चंडीगढ़ में बिजली वितरण के निजीकरण को एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में देखा गया, जिसका उद्देश्य परिचालन क्षमता बढ़ाना, सेवा वितरण में सुधार करना और पारेषण हानियों को कम करना है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, कैपिटल कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार और संरक्षण पर भी चर्चा की गई और किए जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया गया।

सड़कों के रखरखाव के लिए जीआईएस और आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस तकनीकों को अपनाने की दिशा में विभाग के कदम को शहरी बुनियादी ढांचे के प्रबंधन के लिए डाटा-संचालित उपकरणों के उपयोग में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया। विभाग की ग्रीन इनिशिएटिव, जिनमें पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ सामग्रियों का उपयोग, ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था को बढ़ावा देना और नगर नियोजन में शहरी हरित प्रयासों का एकीकरण शामिल है, से अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने शहर के बुनियादी ढाँचे के विकास में योगदान देने वाली प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। इनमें सैक्टर 50 में नया हॉस्टल ब्लॉक, कजहेड़ी स्कूल और सैक्टर 46 में आईटी ब्लॉक उल्लेखनीय हैं, जिन्होंने शैक्षिक और सामुदायिक बुनियादी ढाँचे को बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त, धनास में 144 सरकारी आवासों और जीएमसीएच -32 में आपातकालीन ब्लॉक के निर्माण को केंद्र शासित प्रदेश के आवास और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रमुख विकास के रूप में रेखांकित किया गया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय संबंधी मुद्दों को हल करके और उभरती इंजीनियरिंग तकनीकों को अपनाकर विभिन्न परियोजनाओं के Rियान्वयन में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने विभाग को निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने का भी निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी परियोजनाएँ गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को पूरा करें। मुख्य सचिव ने भविष्य की पहलों को सतत और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास के व्यापक दृष्टिकोण के साथ संरेखित करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कुशल शासन, सतत बुनियादी ढाँचे और इसकी स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के माध्यम से चंडीगढ़ को एक आदर्श शहर बनाने के प्रशासन के संकल्प को दोहराया। बैठक में प्रेरणा पुरी, सचिव (इंजीनियरिंग), सी. बी. ओझा, मुख्य अभियंता, तथा इंजीनियरिंग विभाग के सभी अधीक्षण अभियंता उपस्थित थे।

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