CITU’s attack against inflation : लुधियाना। सीआईटीयू नेताओं ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रसोई की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने श्रमिक और गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। संगठन ने 27 अगस्त को राज्यभर में मुद्रास्फीति विरोधी दिवस मनाकर रैलियां और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
आंकड़े पेश करते हुए नेताओं ने कहा कि महंगाई के कारण आज हर श्रमिक की आय का 67 प्रतिशत हिस्सा राशन पर ही खर्च होता है। सरकार ने दूध की कीमत कम करने के बजाय दूध की कीमत बढ़ा दी है। सीआईटीयू नेताओं ने संविधान के अनुच्छेद 47 और खालुद्य अधिकार अधिनियम का हवाला देते हुए मांग की कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गरीब मजदूरों, दलितों और बेरोजगारों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकारों की प्रमुख संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि राज्य के हर शहर, वार्ड, श्रमिक बस्ती, कस्बे और गांव में सस्ती राशन की दुकानें खोलकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से दैनिक उपयोग की 14 आवश्यक वस्तुओं को घर-घर पहुंचाया जाना चाहिए।
सी. आई. टी. यू. ने 27 अगस्त को राज्य भर में मुद्रास्फीति विरोधी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। इसके तहत सभी इकाइयों को गांवों, शहरों, कस्बों और कारखानों के द्वारों पर बैठकें, रैलियां और प्रदर्शन करके विरोध करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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