
अमृतसर : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में औद्योगीकरण में तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यहां पहली सरकार-उद्योगपति बैठक के दौरान उद्योगपतियों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्र में उद्योग के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में सीमा पहचान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा और प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे राज्य के विकास को, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्र में, बड़े पैमाने पर विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हुई इस बैठक की शुरुआत के मौके पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए पंजाब के कर्नल मनप्रीत सिंह और अन्य जवानों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव की तैयारी के दौरान उन्होंने उद्योगपतियों को कई गारंटी दी थी। उन्होंने कहा कि अब सरकार बनने के 18 महीने बाद वह विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने आये हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में उद्योग की सुविधा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खेती के लिए नहरी पानी उपलब्ध कराने की तर्ज पर राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के लिए भी नहरी पानी का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित करेगी. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उद्योगों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगपतियों की जरूरतों के अनुरूप उद्योगों के लिए नीतियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत जो भी मांग करेगा, राज्य सरकार उन मांगों को जल्द से जल्द पूरा करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना समय की मांग है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर जिले में प्रतिदिन आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक समर्पित बल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगभग एक लाख तीर्थयात्री प्रतिदिन अमृतसर आते हैं और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विशेष बल की आवश्यकता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पुलिस की इस समर्पित इकाई की एक अलग वर्दी होगी ताकि उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।
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