
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ में मत्था टेकने और महिला पंचायतों के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए महाराष्ट्र जाने वाली 500 महिला सरपंचों और पंचों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि राज्य से 500 महिला सरपंचों और पंचों का एक प्रतिनिधिमंडल महिला पंचायतों के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए महाराष्ट्र रवाना हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में उच्च प्रदर्शन करने वाली पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल हैं और इस यात्रा का उद्देश्य पंजाब की महिला सरपंचों और पंचों को अन्य राज्यों के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से नए अनुभव प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे ये निर्वाचित प्रतिनिधि अपने-अपने गाँवों का समग्र विकास सुनिश्चित कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें “लोकतंत्र के स्तंभ” हैं और गाँवों में स्कूल, डिस्पेंसरी, पशु चिकित्सालय और अन्य जन कल्याणकारी व्यवस्थाएँ सीधे पंचायतों की देखरेख में संचालित होती हैं।
उन्होंने कहा कि यह इन सरपंचों और पंचों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्राम विकास से संबंधित सभी विभाग पंचायत की देखरेख में कार्य करते हैं।
भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि इस यात्रा से महिला प्रतिनिधियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें गाँवों के विकास के लिए नई अंतर्दृष्टि प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस बीच, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन महिला सरपंचों/पंचों को तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ में मत्था टेकने की सुविधा भी प्रदान करेगी।
उन्होंने दोहराया कि यह पहल नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में की जा रही है और कहा कि सरकार इन महिला सरपंचों/पंचों के रहने-खाने का पूरा खर्च वहन करेगी।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पवित्र स्थल की यात्रा को सुगम बनाने के लिए यह विशेष ट्रेन चलाई गई है और कहा कि जल्द ही ऐसी दो और ट्रेनें भेजी जाएँगी। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि नांदेड़ साहिब हर पंजाबी के लिए आध्यात्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है और कई लोग अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार वहाँ जाने की इच्छा रखते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ये महिला सरपंच/पंच महिला सशक्तिकरण की भावना का उदाहरण हैं और सरकार उन्हें यह तीर्थयात्रा करवाकर उनके योगदान का सम्मान करना चाहती है।
भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि ये सरपंच/पंच राज्य और उसके लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध और अन्य भी उपस्थित थे।