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कर्मचारियों की सामूहिक हड़ताल से सरकारी कामकाज प्रभावित

Collective strike by employees : मोगा। पंजाब भर में कर्मचारी संगठनों की सामूहिक हड़ताल के आह्वान पर वीरवार को मोगा के जिला प्रशासनिक परिसर सहित कई सरकारी संस्थानों में कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, लंबित डीए किस्तें जारी करने समेत अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया और जल्द समाधान की मांग की।

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इस दौरान अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर सरकार से उनकी मांगों पर जल्द गौर करने की अपील की।सामूहिक हड़ताल में आंगनबाड़ी वर्करों ने भी अपनी मांगों को लेकर हिस्सा लिया। इसके अलावा शिक्षकों ने भी हड़ताल में शामिल होकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। आंगनबाड़ी वर्करों और शिक्षकों सहित विभिन्न जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें सरकार के समक्ष रखी जा रही हैं, लेकिन अभी तक कई मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पिछले करीब एक माह से कर्मचारी कलम छोड़ हड़ताल कर अपनी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचा रहे हैं।

इसके बावजूद मांगों को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल होने, डीए की लंबित किस्तें जारी होने तथा अन्य जायज मांगों के पूरा होने की उम्मीद है।आंगनबाड़ी वर्करों ने कहा कि उनके वर्ग से जुड़ी विभिन्न मांगों पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और आंगनबाड़ी वर्करों की लंबे समय से लंबित मांगों को बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और सरकार को पुरानी पेंशन बहाली तथा डीए की बकाया किस्तों सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि अलग-अलग कर्मचारी जत्थेबंदियां एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख रही हैं। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि आज मुख्यमंत्री के साथ राज्य कमेटी की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक से कर्मचारियों को अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बैठक में मांगों के संबंध में ठोस और सकारात्मक फैसला लेती है तो कर्मचारियों के लिए यह राहत की बात होगी। वहीं, मांगों पर उचित कार्रवाई न होने की स्थिति में संघर्ष को लेकर अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा।

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