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यमन में नर्स मनीसा प्रिया की मौत की सजा को माफ किया जाए : Simranjit Singh Mann

फतेहगढ़ साहिब: अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने एक बयान में कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में गुरुओं ने महिलाओं को सम्मान दिया है और अपने आदर्श वाक्य ‘सो कियो मंदा आखी, जीतू जम्मै रज़ां’ के माध्यम से उन्होंने पूरी दुनिया को महिलाओं के अधिकारों और सम्मान का एक सार्थक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को समाप्त करने के विचार से यमन के राष्ट्रपति को पत्र लिखते हुए उन्होंने बिना किसी मानवीयता के केरल की एक नर्स मनीसा प्रिया, जिसे 16 जुलाई को यमन द्वारा एक हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है, के लिए क्षमादान का लिखित अनुरोध किया है।

ताकि वैश्विक स्तर पर महिलाओं के अधिकारों की गरिमा और सुरक्षा को बढ़ाया जा सके और सभी देशों और वगोर्ं के लोगों को महिलाओं को उचित सम्मान देने का पूरा भरोसा हो सके। उन्होंने इस पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जब विश्व के 192 देशों में से 160-65 देशों ने अपनी-अपनी संसदों में मृत्युदंड के विरुद्ध कानून पारित कर मृत्युदंड को समाप्त करने के विचार को बल दिया है, तो यमन के राष्ट्रपति श्री रशद-अल-अलीमी से भी समस्त सिख समुदाय और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) संगठन अनुरोध करता है कि बीबी मनीसा प्रिया को इस मृत्युदंड से मुक्त किया जाए।

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