Last Updated: November 5, 2026

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डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कुएं, बोरवेल/ट्यूबवेल खोदने संबंधी जारी किए निर्देश

August 18, 2026

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कुएं, बोरवेल/ट्यूबवेल खोदने संबंधी जारी किए निर्देश

फरीदकोट: फरीदकोट के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट राहुल चाबा IAS ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जिले में कुएं, बोरवेल/ट्यूबवेल खोदने/मरम्मत करने के बारे में निर्देश जारी किए हैं, जिसमें शहरी और ग्रामीण इलाकों में कच्चे कुएं और बोरवेल/ट्यूबवेल खोदने से लोगों और बच्चों को उनमें गिरने से होने वाले जान-माल के नुकसान से बचाने और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत पंजाब सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने को कहा गया है।

आदेशों के अनुसार, फरीदकोट जिले की सीमा के अंदर कुआं/बोर खोदने से पहले जमीन के मालिक को डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, संबंधित सरपंच, ग्राम पंचायत, नगर परिषद, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, सॉइल कंजर्वेशन डिपार्टमेंट को 15 दिन पहले सूचित करना होगा। सभी एजेंसियों जैसे सरकारी/सेमी-सरकारी/प्राइवेट वगैरह जो कुएँ/बोरवेल खोदती या उनकी मरम्मत करती हैं, उनका रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। जिस जगह कुआँ/बोरवेल खोदा या उसकी मरम्मत की जाती है, वहाँ ड्रिलिंग एजेंसी और खोदे जाने वाले कुएँ के मालिक का पूरा पता लिखा एक साइट बोर्ड लगाया जाना चाहिए और उस साइन बोर्ड पर ड्रिलिंग एजेंसी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी लिखा होना चाहिए। बोरवेल के चारों ओर कांटेदार तार लगाए जाएंगे और उसे नट-बोल्ट वाले स्टील प्लेट कवर से ढक दिया जाएगा और कुएं/बोर के कवर को नट-बोल्ट वाले केसिंग पाइप से फिक्स किया जाना चाहिए। बोरवेल के चारों ओर जमीन से 0.50*0.50*0.60 मीटर की ऊँचाई पर (जमीन के लेबल से 0.30 मीटर ऊपर और ज़मीन के लेबल से 0.30 मीटर नीचे) सीमेंट/कंक्रीट का प्लेटफ़ॉर्म बनाया जाना चाहिए।

कुआं/बोरवेल खोदने या उसकी मरम्मत करने के बाद अगर कोई खाली जगह हो, तो उसे मिट्टी से भर देना चाहिए/खाली बोरवेल/कुएं को ऊपर तक मिट्टी/रेत से भर देना चाहिए और मरम्मत के काम के बाद जमीन का लेवल पहले जैसा कर देना चाहिए। कुआं/बोरवेल को किसी भी हालत में खुला नहीं छोड़ना चाहिए। छोड़े गए कुएं को नीचे से ऊपर तक बारीक मिट्टी, पत्थर, कंक्रीट वगैरह से ठीक से भर देना चाहिए। कोई भी व्यक्ति जल सप्लाई और सेनिटेशन डिपार्टमेंट की लिखी हुई मंजूरी और देखरेख के बिना कुआं/बोरवेल नहीं खोदेगा या उसकी मरम्मत नहीं करेगा। गांव के इलाकों में सरपंच और खेतीबाड़ी डिपार्टमेंट के अधिकारी और शहर के इलाकों में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, मिट्टी की सुरक्षा, जूनियर इंजीनियर और म्युनिसिपल काउंसिल के एग्जीक्यूटिव अधिकारी हर महीने अपने-अपने अधिकार वाले इलाकों की एक रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें बताया जाएगा कि उनके इलाके में कितने बोरवेल/कुएं वगैरह नए खोदे गए, उनकी मरम्मत की गई, वे इस्तेमाल में हैं, कितने भरे गए हैं। ये विभाग अपने-अपने इलाकों की उस रिपोर्ट की एक कॉपी अपने ऑफिस में रिकॉर्ड के तौर पर रखेंगे और एक कॉपी हर महीने एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (डेवलपमेंट) फरीदकोट को भेजी जाएगी। वे इस बारे में पूरा रिकॉर्ड रखेंगे। यह ऑर्डर 3 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहेगा।

 

📍 Location: Faridkot (Faridkot)

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