LPG Price Hike : आम लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। पंजाब और चंडीगढ़ में घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 जून की मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये के करीब पहुंच गई है।
नए रेट के अनुसार अमृतसर में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर सबसे महंगा होकर 983 रुपये का हो गया है। वहीं फरीदकोट में इसकी कीमत 979.50 रुपये, जालंधर में 971.50 रुपये और लुधियाना में 969 रुपये तक पहुंच गई है। मोहाली और चंडीगढ़ में भी उपभोक्ताओं को अब सिलेंडर के लिए 951.50 रुपये चुकाने होंगे।
तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम
मार्च 2026 के बाद यह दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले मार्च में सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था। ताजा बढ़ोतरी को मिलाकर पिछले तीन महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कुल 89 रुपये बढ़ चुकी है।
तेल कंपनियों ने बढ़ती लागत को बताया वजह
सूत्रों के अनुसार तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और घरेलू बिक्री पर हो रहे नुकसान के कारण यह फैसला लेना पड़ा। कंपनियों का दावा है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर उन्हें प्रति सिलेंडर सैकड़ों रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है।
कंपनियों के मुताबिक, नई कीमतें लागू होने के बावजूद नुकसान की पूरी भरपाई नहीं हो पाएगी और यह केवल आंशिक राहत देने वाला कदम है।
छोटे सिलेंडर भी हुए महंगे
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की वृद्धि की गई है। बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 821.50 रुपये हो गई है।
पेट्रोल, डीजल और CNG के बाद अब LPG पर असर
बीते कुछ सप्ताह में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। परिवहन और ईंधन लागत बढ़ने के बीच रसोई गैस के महंगे होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों को इसका सीधा असर झेलना पड़ सकता है।
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कैसे तय होती है एलपीजी की कीमत?
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की दरें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात एवं परिवहन लागत, बॉटलिंग और वितरण खर्च, साथ ही सरकार की कर एवं सब्सिडी नीति इन कीमतों को प्रभावित करती है। तेल कंपनियां इन सभी पहलुओं का आकलन करने के बाद नई दरें निर्धारित करती हैं।
बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों में यह नया इजाफा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है, जबकि आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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