
Door-to-Door Waste Collection to Be Implemented in Villages : अमृतसर। जिले के गांवों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना को गति दी जाएगी। इसके तहत घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था लागू करने के साथ गीले, सूखे, सैनिटरी और खतरनाक कचरे को अलग-अलग इकट्ठा किया जाएगा।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के गांवों में ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट’ को प्रभावी ढंग से लागू करना और वहां साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाना था। बैठक के दौरान, अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट’ के तहत जिले के सभी गांवों में जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि वे साफ-सुथरे और कचरा-मुक्त बन सकें। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से गांवों में निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से निपटान सुनिश्चित होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने और उसके सही निपटान के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए।
उन्होंने गांवों में चार तरह से कचरा अलग करने की प्रणाली (four-way waste segregation system) लागू करने पर जोर दिया, जिसके तहत गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और खतरनाक कचरे को अलग-अलग इकट्ठा किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि गांवों के स्तर पर घर-घर जाकर कचरा उठाने की व्यवस्था की जाए, जिसके लिए गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएं। इससे निवासियों को अपने घर से ही कचरा उठवाने की सुविधा मिलेगी और खुले में कचरा फेंकने की समस्या भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने ‘राउंडग्लास फाउंडेशन’ के समन्वयक श्री रेशम सिंह को निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन के कार्यों में तेजी लाएं और संबंधित पंचायतों के साथ तालमेल बिठाकर जमीनी स्तर पर इस परियोजना की सफलता सुनिश्चित करें।
उन्होंने सभी सरपंचों, ब्लॉक विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि गांवों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके। इस बैठक में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के उप-मंडल अभियंता (Sub-Divisional Engineer), BRC और CDS के प्रतिनिधि, तथा विभिन्न गांवों के सरपंच और पंचायत सचिव शामिल हुए।
मेष: दिन शुभ रहेगा...