
लुधियाना Zebra Crossing: शहर की सड़कों पर यातायात नियमों की अनदेखी एक आम बात बनती जा रही है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि लोग जेब्रा क्रॉसिंग की अनदेखी कर न केवल अपने जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं, बल्किअन्य राहगीरों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे हैं। वहीं शहर के व्यस्त चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में साफ देखा जा सकता है कि वाहन चालक लाल बत्ती पर भी रुकने की बजाय तेज रफ्तार से आगे बढ़ते हैं और जेब्रा क्रॉसिंग को नजरअंदाज कर देते हैं। यही नहीं पैदल यात्रियों को भी सड़क पार करते समय नियमों की कोई परवाह नहीं होती। वह तय स्थानों की बजाय बीच सड़क से गुजरना पसंद करते हैं, जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है। शहरवासी हरीश छाबड़ा का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाने का दावा जरूर किया जाता है लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं आता। जब तक सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक हालात में सुधार संभव नहीं है।
जेब्रा क्रॉसिंग की पालना न करना खुद को खतरे में डालने जैसा है
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ व जिला कोर्ट के एडवोकेट संजीव शर्मा का कहना है कि शहरवासियों को चाहिए कि वह स्वयं आगे आकर नियमों का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। वहीं ट्रैफिक पुलिस को चाहिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे और जेब्रा क्रॉसिंग की अनदेखी सड़क सुरक्षा में एक गंभीर चूक है। यह नियम आमजन की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। इनका पालन न करना खुद को खतरे में डालने जैसा है।
ई-चालान की प्रक्रिया जारी
ए.सी.पी. ट्रैफिक गुरप्रीत सिंह का कहना है कि जेब्रा क्रॉसिंग की उल्लंघना करना वालों पर ई-चालान की प्रक्रिया जारी है। वहीं लोगों को खुद भी चाहिए कि लाल बत्ती होते ही वह अपने वाहन को जेब्रा क्रॉसिंग से पीछे ही खड़ा करें। वहीं अक्सर देखा गया है कि लोग मनमानी जगह से सड़क पार करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ जाती है। जेब्रा क्रॉसिंग का उद्देश्य पैदल यात्रियों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है। यदि हर नागरिक इस नियम का पालन करें तो सडक हादसों में भारी कमी लाई जा सकती है।
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