बठिंडा: धान की पराली को जलाने से रोकने और खेतों पर कड़ी नज़र रखने के लिए जिला प्रशासन ड्रोन कैमरों की मदद से खेतों पर नज़र रख रहा है।
बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने बताया कि पंजाब सरकार के आदेश के मुताबिक, पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज़िला लेवल पर तैयार रोस्टर के मुताबिक, इस कैमरे से खेतों पर नज़र रखी जा रही है। इसी के तहत आज नोडल अफ़सर ने बालियांवाली गांव में इंस्पेक्शन किया।
इसके अलावा, गांव-गांव जाकर पराली को आग न लगाने का मैसेज दे रहे नोडल अफ़सरों ने गांव बगेहर चरहट सिंह, संदोहा, माड़ी, मैसरखाना, मंडी कलां, खोखर, झंडूके, गोलेवाला, नट, जाजल, रामा, लहरी, जोधपुर बग्गा सिंह, राया, नसीबपुरा, जीवन सिंह वाला और कई दूसरे गांवों में किसानों से बात की और उन्हें खेतों में ही पराली का मैनेजमेंट करने के लिए मोटिवेट किया। साथ ही, गांवों में मौजूद गुरु घरों और मंदिरों की मदद से लोगों को उपदेश देकर पराली में आग न लगाने का संदेश दिया जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि कई किसान खेतों में पराली का मैनेजमेंट करके दूसरे किसानों के लिए मिसाल कायम कर रहे हैं। गांव भैणी चूहड़ में किसान गुरप्रीत सिंह अपनी 50 एकड़ जमीन को बिना आग लगाए मैनेज कर रहे हैं। किसान ने पराली को मल्च किया है और उल्टी जुताई करके पराली को जमीन में दबा दिया है। अब हैप्पी सीडर या रोटावेटर की मदद से गेहूं की बुवाई करेगा। इस किसान से पराली में आग लगाकर निपटा जा रहा है।
📍 Location: Bathinda

