
पटियाला: पटियाला की छोटी और बड़ी नदियों के साथ-साथ शहर की नालियों, ड्रेनों और सीवरेज लाइनों की सफाई के लिए इस वर्ष पंजाब सरकार ने कोई तैयारी नहीं की है। ग्लोबल वामिर्ंग के कारण मौसम विभाग ने इस वर्ष भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यदि और बारिश के कारण शहर को जान-माल का नुक्सान होता है, तो इसके लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार माना जाएगा। यह विचार सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा पंजाब अध्यक्ष जयइंदर कौर ने मीडिया को जारी एक प्रेस रिलीज में साझा किया।
बताया गया कि वर्ष 2023 में दोनों नदियों की सफाई ठीक ढंग से नहीं की गई, जिसके कारण शहर का 40 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया था। उन्होंने कहा कि 2023 की बाढ़ से सबक लेते हुए इस वर्ष भी दोनों नदियों के साथ-साथ शहर की मुख्य नालियों और ड्रेनों की सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ड्रेनेज विभाग द्वारा दोनों नदियों की सफाई हर वर्ष की जाती है, लेकिन इस वर्ष नगर निगम की नियुक्त टीम पंजाब सरकार के ऊपर शहर की सफाई प्रबंधन को लेकर कोई दबाव बनाने में सफल नहीं हो सकी। ड्रेनेज विभाग ने जिन जिलों में नदियों और नालियों की सफाई करवाने हेतु सूचना तैयार की है, उनमें पटियाला शहर का नाम ना होना चिंता की बात है।
जयइंदर कौर ने कहा कि दोनों नदियों की सफाई ही शहर के लिए बाढ़ का कारण नहीं है, बल्कि शहर के भीतर से गुजरने वाले लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबे गंदे नाले, 550 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन, जैकब ड्रेन, पूर्वी ड्रेन, पेरी फेरी ड्रेन, मॉडल टाऊन ड्रेन, कुमार सभा स्कूल से राघोमाजरा के काले मुंह वाले बागीचे तक 1.9 किलोमीटर नाले की सफाई भी बरसाती सीजन से पहले शहरवासियों की सुरक्षा के लिए बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि यह बहुत आवश्यक काम आने वाले तीन से चार हफ्तों में नहीं करवाए गए, तो वाटर लॉकिंग होने के कारण शहर जल प्रभावित हो जाएगा और इस स्थिति में शहरवासियों को पंजाब सरकार की लापरवाही का नतीजा भुगतना पड़ेगा।
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