
जालंधर : पंजाब की नदियों में बढ़ते प्रदूषण, विशेषकर काला संघियां, चिट्टी बेईं और सतलुज नदी की गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज जालंधर में चिट्टी बेईं मोर्चा के प्रतिनिधियों अजय पाल सिंह और तेजस्वी मिन्हास द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूरे पंजाब से दर्जनों पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अभियान को लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने के लिए एक सदस्य समिति का गठन किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रदूषण से प्रभावित सभी गांवों में क्षेत्रीय समितियां बनाई जाएंगी, ताकि स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में अगली बैठक मलसियां में काला संघियां के चिट्टी बेईं में संगम स्थल पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में दूषित पानी और उसमें मौजूद भारी धातुओं को मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया गया। मालवा क्षेत्र और पड़ोसी राजस्थान में कैंसर के बढ़ते मामलों के संदर्भ में भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की गई।
सभी सदस्यों ने निर्णय लिया कि इस संघर्ष में हर संभव कानूनी उपाय अपनाए जाएंगे, आवश्यकता पड़ने पर धरने और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे तथा नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। पर्यावरण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी लाल श्रेणी की औद्योगिक इकाई का पूरे पंजाब में विरोध किया जाएगा।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि पंजाब के जल संसाधनों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा। इस अभियान में प्रभावित गांवों के निवासियों, पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों को एक साझा मंच पर लाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में अजय पाल सिंह, तेजस्वी मिन्हास (प्रधान, पंजाब बचाओ मोर्चा), सतनाम सिंह पन्नू (किसान मजदूर संघर्ष कमेटी), सुरिंदर सिंह जानियां (जिला प्रधान, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी), दविंदर सिंह (सतलुज मिसल), रोमन बराड़ (जीरा मोर्चा), रणजीत सिंह कोटली, कपिल अरोड़ा (पी.ए.सी., लुधियाना), वरिंदर मलिक, जसविंदर सिंह (ज्वाइंट एक्शन कमेटी, मॉडल टाउन), एडवोकेट विनय, सुरिंदर सैनी, एडवोकेट परमिंदर सिंह विज सहित अनेक पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।