Last Updated: October 16, 2026

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नशे के अवैध कारोबार पर प्रशासन सख्त, केमिस्टों को नियमों के पालन की हिदायत

October 16, 2026

नशे के अवैध कारोबार पर प्रशासन सख्त, केमिस्टों को नियमों के पालन की हिदायत

Faridkot Administration Tightens Vigil on Illegal Drug Sales : फरीदकोट। पंजाब सरकार के ‘नशे के खिलाफ जंग’ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने जिला केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केमिस्टों को नियंत्रित दवाएं वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेचने, खरीद-बिक्री का उचित रिकॉर्ड रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण और युवाओं को नशे से बचाने के लिए सभी वर्गों से सहयोग की अपील की।

 

पंजाब सरकार द्वारा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए शुरू किए गए ‘नशे के खिलाफ जंग’ अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, फरीदकोट के डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने जिले के केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। इस मौके पर उन्होंने केमिस्टों से अपील की कि वे नशीले पदार्थों को खत्म करने के लिए सरकार और जिला प्रशासन को पूरा सहयोग दें, और समाज को नशा मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएं। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है।

इस अभियान में केमिस्टों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है; चूंकि वे दवाओं की बिक्री से जुड़े हैं, इसलिए वे उन नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री को रोकने में अहम योगदान दे सकते हैं जिनका दुरुपयोग होने का खतरा रहता है। यह स्पष्ट कर दिया गया कि ऐसे पदार्थों की अवैध बिक्री, वितरण और इस्तेमाल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने सदस्यों से कहें कि वे दवाओं की बिक्री से जुड़े मौजूदा नियमों और कानूनी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। जिन दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग होने का खतरा है, उन्हें बेचते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

इसके अलावा, इस बात पर जोर दिया गया कि केमिस्ट बिना वैध कानूनी पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के नियंत्रित दवाओं को न बेचें और तय नियमों के अनुसार सभी खरीद-बिक्री का उचित रिकॉर्ड रखें। अगर किसी मेडिकल स्टोर पर नशीले पदार्थों की संदिग्ध या अवैध बिक्री के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी जानी चाहिए। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए आम जनता, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संघों और हर जिम्मेदार नागरिक के सामूहिक सहयोग की जरूरत है।

उन्होंने केमिस्ट एसोसिएशन से अपील की कि वे प्रशासन के साथ मिलकर काम करें, ताकि नशीले पदार्थों के बुरे प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके और युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन के प्रयासों को और तेज किया जाएगा, और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

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