फरीदकोट: धान की पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए फरीदकोट जिला प्रशासन ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। स्थानीय मिनी सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने की। बैठक में जिले की विभिन्न किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। डिप्टी कमिश्नर ने किसान नेताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को धान और बासमती की पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए सरकार की ओर से किसानों को विभिन्न प्रकार की कृषि मशीनरी सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को इन संसाधनों का इस्तेमाल कर पराली को जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से संभालने के लिए प्रेरित किया गया।
मिट्टी के लिए भी फायदेमंद है पराली प्रबंधन
बैठक में पराली प्रबंधन के कृषि संबंधी लाभों की जानकारी भी दी गई। असिस्टेंट मार्केटिंग ऑफिसर-कम-नोडल ऑफिसर (पराली जलाना) डॉ. गुरप्रीत सिंह ने बताया कि फसल अवशेषों को खेत में ही मिट्टी में मिलाने से जमीन को कई जरूरी पोषक तत्व वापस मिलते हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है और किसानों को खाद पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की टीमें गांवों में जाकर किसानों को पराली प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों और उपलब्ध संसाधनों के बारे में लगातार जागरूक कर रही हैं। इस दौरान किसानों को मशीनों के सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा रही है।
किसान आईडी बनाने के लिए किया प्रेरित
मुख्य कृषि अधिकारी ने किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों से AgriStack के तहत किसान आईडी बनवाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि भविष्य में खाद की आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था में किसान आईडी का उपयोग किया जाएगा। इसलिए किसानों के लिए समय रहते अपनी आईडी बनवाना उपयोगी रहेगा। बैठक के दौरान किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याएं और चुनौतियां प्रशासन के सामने रखीं। उन्होंने खेती से संबंधित कई सुझाव भी साझा किए।
डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने किसान प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि बैठक में उठाए गए मुद्दों को संबंधित स्तर पर सरकार के समक्ष रखा जाएगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने पिछले वर्ष पराली प्रबंधन अभियान के दौरान किसान संगठनों की ओर से मिले सहयोग के लिए भी आभार जताया। बैठक में एसडीएम जैतो विक्रमजीत, ब्लॉक कृषि अधिकारी कोटकपुरा डॉ. गुरप्रीत सिंह, सहायक कृषि इंजीनियर अक्षत जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर ATMA डॉ. अमन केशव सहित कृषि विभाग के अधिकारी और विभिन्न किसान संगठनों के करीब 50 प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...