
ये आदेश 2 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेंगे। फरीदकोट के ज़िला मजिस्ट्रेट श्री राहुल चाबा (IAS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ज़िले के लिए ये पाबंदी वाले आदेश जारी किए। मैरिज पैलेस में खुशी में हवाई फायरिंग पर रोक के बारे में, डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लोग अक्सर शादियों, सामाजिक या धार्मिक समारोहों, जनसभाओं और मैरिज पैलेस में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान हवा में फायरिंग करते हैं, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा रहता है।
इसलिए, फरीदकोट ज़िले के अधिकार क्षेत्र में शादियों, सामाजिक या धार्मिक समारोहों, जनसभाओं, विरोध प्रदर्शनों/रैलियों और मैरिज पैलेस के कार्यक्रमों के दौरान खुशी में हवाई फायरिंग पर रोक लगा दी गई है। यह रोक 2 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगी। ‘चाइना-डोर’ (सिंथेटिक पतंग की डोर) पर रोक के बारे में, फरीदकोट के ज़िला मजिस्ट्रेट ने ज़िले में पतंग उड़ाने के लिए इस डोर की बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।
यह देखा गया है कि पतंग उड़ाने के लिए ‘चाइना-डोर’ का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। सूती धागे के उलट, यह डोर प्लास्टिक से बनी होती है और बहुत मज़बूत होती है; इससे पतंग उड़ाने वालों के हाथों और उंगलियों में कटने जैसी चोटें आती हैं और साइकिल व स्कूटर चलाने वालों की गर्दन और कानों में गहरे घाव हो जाते हैं, जो इंसानों, जानवरों और पक्षियों के लिए जानलेवा साबित होती है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, ज़िला मजिस्ट्रेट ने ‘चाइना-डोर’ (सिंथेटिक पतंग की डोर) की बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
यह रोक 2 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगी। हुक्का बार के बारे में, फरीदकोट के ज़िला मजिस्ट्रेट ने ज़िले के अधिकार क्षेत्र में हुक्का बार पर रोक लगाने का एक और आदेश जारी किया है। ज़िले में किसी भी दुकान, होटल, रेस्तरां या अन्य सार्वजनिक स्थान पर हुक्का पीने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है; यह प्रतिबंध भी 2 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगा। इसके अलावा, ज़िला मजिस्ट्रेट श्री राहुल चाबा ने फरीदकोट ज़िले की सीमा के भीतर आम जनता द्वारा मिलिट्री-रंग की वर्दी और गाड़ियों की खरीद, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
साथ ही, ज़िले की नगर समितियों की सीमा के भीतर सार्वजनिक सड़कों और चौराहों पर होर्डिंग लगाने पर भी पूरी रोक होगी—सिवाय उन होर्डिंग के जिन पर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई हो। ये आदेश 2 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेंगे। बिना रजिस्ट्रेशन वाली एम्बुलेंस पर रोक के संबंध में, फरीदकोट के ज़िला मजिस्ट्रेट श्री राहुल चाबा ने ज़िले में ऐसी एम्बुलेंस के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने बताया कि फरीदकोट ज़िले में कई एम्बुलेंस बिना परमिट के चल रही हैं और एम्बुलेंस के तौर पर रजिस्टर्ड भी नहीं हैं।
कुछ में मरीज़ों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी है, और मरीज़ के लेटने के लिए सिर्फ़ लकड़ी के तख्ते लगे हैं। ऐसी एम्बुलेंस मरीज़ों की जान को खतरे में डालती हैं, और इनके मालिक व ड्राइवर मनमाने दाम वसूलकर गरीब मरीज़ों का आर्थिक शोषण करते हैं। इसके अलावा, इस स्थिति से रजिस्टर्ड एम्बुलेंस चलाने वालों में नाराज़गी पैदा होती है, जिससे विवाद की आशंका बढ़ती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है।
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