मोगा (दलीप कुमार): भारतीय किसान यूनियन खोसा की मासिक बैठक पंजाब प्रधान सुखजिंदर सिंह खोसा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बंदी सिखों की रिहाई, किसानों से जुड़े मुद्दों और सरकारों की नीतियों को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
किसान नेताओं ने कहा कि कई बंदी सिख अपनी निर्धारित सजा से भी अधिक समय जेलों में बिता चुके हैं, इसके बावजूद उनकी रिहाई नहीं की जा रही। उन्होंने इसे मानवाधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकारों से तत्काल फैसला लेने की मांग की।
पंजाब के उपाध्यक्ष गुरदर्शन सिंह कालेके ने कहा कि आम लोगों में से सत्ता तक पहुंचने वाले नेता भी कुर्सी मिलने के बाद जनता की समस्याओं को भूल जाते हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार को निशाने पर लेते हुए खनौरी बॉर्डर पर किसानों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र किया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वही दूसरी ओर सुखजिंदर सिंह खोसा ने कहा कि एक तरफ बंदी सिखों की रिहाई और पैरोल का मामला लंबे समय से लंबित है। वहीं ओर कुछ अन्य मामलों में बार-बार पैरोल दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए किसानों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।खोसा ने ऐलान किया कि 15 अगस्त को बीकेयू खोसा के किसान बड़े काफिले के रूप में चंडीगढ़ मोर्चे में पहुंचेंगे। बैठक की कार्यवाही कोमल आलमवाला ने संचालित की। इस अवसर पर सुखमंदर सिंह उगोके, सुरजीत सिंह विर्क, तार सिंह सिद्धू, सूबेदार बलवंत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
📍 Location: मोगा

