Site icon Dainik Savera Times

स्मार्ट बिजली मीटरों के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज, लुधियाना से शुरू हुई मीटर उतारने की मुहिम

लुधियाना: भारतीय किसान मजदूर मोर्चा पंजाब ने लुधियाना जिले की कई कॉलोनियों में बिजली के चिप वाले स्मार्ट मीटरों को हटाने की मुहिम शुरू कर दी। पंजाब प्रधान दिलबाग सिंह गिल के नेतृत्व में राहों रोड स्थित ससराली, बूथगढ़, सराली कॉलोनी, प्रेम कॉलोनी, गौतम कॉलोनी, जीवन कॉलोनी और गौंसगढ़ गांव सहित कई इलाकों में लोगों के घरों से स्मार्ट मीटर उतारे। किसानों के इस फैसले के बाद शहर में हलचल तेज हो गई है।

ये भी पढ़ें: SYL नहर विवाद– Haryana-Punjab के CM की आज अहम बैठक….पानी को लेकर तलाशेंगे हल.

बड़ी बात यह है कि यह अभियान पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा के गृह जिले लुधियाना से शुरू किया गया, जिसे किसान संगठनों की सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। दिलबाग गिल ने कहा कि सरकार पावरकॉम विभाग का निजीकरण करने की तैयारी में है, जिससे आम जनता पर बिजली का बोझ कई गुना बढ़ सकता है। उनका कहना है कि यदि बिजली पूरी तरह निजी हाथों में गई तो कंपनियां मनमर्जी के रेट लागू करेंगी, जिसका सर्वाधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा। गिल ने बताया कि यूनियन द्वारा उतारे गए सभी स्मार्ट मीटर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन के नजदीकी कार्यालय गौंसगढ़, काकोवाल और फिरोजपुर रोड स्थित केंद्रीय जोन दफ्तर में जमा करा दिए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पावरकॉम घरों में पुराने गरारी मीटर या सामान्य इलेक्ट्रॉनिक मीटर दोबारा नहीं लगाता, तब तक लोग सीधे कुंडली डालकर बिजली इस्तेमाल करने के लिए आजाद हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि विभाग लोगों पर जुर्माना लगाने या पुलिस केस दर्ज कराने की कोशिश करता है तो भारतीय किसान मजदूर मोर्चा पंजाब अदालत में उनके खिलाफ केस लड़ेगा और जुर्माने माफ करवाने की हर संभव कोशिश करेगा। गिल ने कहा कि स्मार्ट मीटरों को हटाने का यह कदम निजीकरण विरोधी राज्यव्यापी आंदोलन का हिस्सा है,जिसे आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: ईरान में जन आक्रोश जारी, 6 हजार के पार पहुंचा मौतों का आंकड़ा 

Exit mobile version