बठिंडा: किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन और पराली के उचित रखरखाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से बठिंडा में किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने विशेष रूप से पहुंचकर किसानों से बातचीत की। मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में लगातार नई तकनीकें विकसित हो रही हैं। ऐसे प्रशिक्षण शिविरों का उद्देश्य किसानों तक इन तकनीकों की जानकारी पहुंचाना और उन्हें खेती के बेहतर तरीकों से अवगत कराना है।
पराली प्रबंधन पर दिया जोर
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि पराली प्रबंधन को लेकर पिछले वर्ष भी बड़े स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए थे। इस वर्ष भी किसानों को पराली के उचित प्रबंधन और इसके उपयोग से जुड़े तरीकों की जानकारी देने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पराली को जलाने के बजाय उसका सही तरीके से प्रबंधन करने से मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण को नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा समय में पराली का विभिन्न उपयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
किसानों को मशीनरी और सब्सिडी का लाभ
मंत्री ने कहा कि किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक कृषि मशीनरी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ सरकारी स्तर पर सब्सिडी भी दी जा रही है। उन्होंने किसानों से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की। शिविर में किसानों को पराली प्रबंधन के साथ-साथ नई फसलों, आधुनिक खेती के तरीकों और बेहतर बीजों से संबंधित जानकारी भी दी गई।
किसानों ने नियमित शिविर लगाने की मांग की
शिविर में पहुंचे किसानों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए। उनका कहना था कि कृषि क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें नई तकनीकों और खेती के आधुनिक तरीकों की जानकारी मिलती है। किसानों ने बताया कि कई बार नई फसलों या बीजों के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती। ऐसे में विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने से उन्हें काफी लाभ मिलता है।
किसान संगठनों की मांगों पर भी चर्चा
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के धरने से जुड़े मुद्दे पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि किसान संगठन के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठक हुई थी और संगठन की ओर से मांगों से संबंधित एक मांग पत्र सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर जल्द आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात रखी गई है। वहीं, मंत्री ने भाजपा से जुड़े आरोपों पर भी अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि साइलोज में रखे पुराने स्टॉक के उपयोग की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी। शिविर के दौरान किसानों की अच्छी उपस्थिति रही। किसानों ने कृषि क्षेत्र और उनके हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उपयोगी बताया।
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