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Punjab में किसान यूनियन का बड़ा ऐलान: चिप वाले बिजली मीटर PSPCL में करेंगे जमा

smart electricity meters

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चंडीगढ़: पंजाब में किसान यूनियनों और किसान मजदूर मोर्चा ने राज्य में घरों में लगे स्मार्ट बिजली मीटर (चिप मीटर) के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। मोर्चे का कहना है कि 10 दिसंबर से वे स्वयं इन मीटरों को हटाकर पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कार्यालयों में जमा करेंगे।

किसान मजदूर मोर्चा के नेता दिलबाग सिंह ने बताया कि यह फैसला पूरे राज्य स्तर पर लिया गया है और अभियान के दौरान केवल उन्हीं मीटरों को हटाया जाएगा जिनके मालिक सीधे मोर्चा से संपर्क करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के घर का मीटर जबरदस्ती नहीं हटाया जाएगा।

सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य सरकार की बिजली विभाग को प्राइवेट करने की योजना के विरोध में जागरूकता बढ़ाना है। ग्रामीण और शहरी इलाकों दोनों से मीटर हटाए जाएंगे। जो लोग अपने घर का चिप मीटर हटवाना चाहते हैं, वे सीधे हमारे संपर्क में आएं।”

किसान यूनियन का तर्क

किसान नेताओं का मानना है कि चिप मीटर के पूरे राज्य में लागू होने के बाद बिजली वितरण पूरी तरह रिचार्ज आधारित हो जाएगा। उनका कहना है कि 90 प्रतिशत उपभोक्ता समय पर रिचार्ज नहीं कर पाएंगे, जिससे बिजली कटौती की समस्या बढ़ जाएगी। किसान नेता इसे मोबाइल रिचार्ज की तरह एक असुरक्षित व्यवस्था मानते हैं, जहां अगर रिचार्ज खत्म हो गया तो बिजली तुरंत कट जाएगी।

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जिम्मेदारी और सुरक्षा का भरोसा

दिलबाग सिंह ने यह भी कहा कि अगर बिजली बोर्ड किसी के खिलाफ कार्रवाई करता है या शिकायत दर्ज करता है, तो किसान मजदूर मोर्चा पूरी जिम्मेदारी लेगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि मोर्चा शिकायतों को रद्द करवाएगा और जुर्माना माफ कराएगा।

किसान यूनियन की यह योजना राज्यभर में बिजली मीटर को लेकर बढ़ती नाराजगी और उपभोक्ताओं की चिंताओं को उजागर करती है। 10 दिसंबर से शुरू होने वाला यह अभियान उपभोक्ताओं और बिजली विभाग दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

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