
फिरोजपुर: फिरोजपुर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 नवंबर को डी-वॉर्मिंग डे पहल के तहत बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आज सिविल सर्जन कार्यालय में शिक्षा विभाग, आंगनवाड़ी विभाग और स्कूल स्वास्थ्य टीमों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई।
बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. राजविंदर कौर द्वारा एक जागरूकता पोस्टर का भी अनावरण किया गया, जिसमें सहायक सिविल सर्जन डॉ. सुषमा ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मीनाक्षी अबरोल, स्कूल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. जसलीन कौर, डॉ. समिंदर कौर और डॉ. युवराज उपस्थित थे।
डॉ. राजविंदर कौर ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जिले के 1,086 स्कूलों और 1,261 आंगनवाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 238,097 बच्चों को कृमि मुक्त करना है। कार्यक्रम की देखरेख और अभियान के दौरान किसी भी अप्रत्याशित समस्या का समाधान करने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमें बनाई गई हैं।
सिविल सर्जन ने इस बात पर जोर दिया कि आंतों के कीड़े बच्चों में एनीमिया का कारण बनते हैं, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने इस तरह के संक्रमणों को रोकने के लिए भोजन से पहले और बाद में तथा शौचालय का उपयोग करने के बाद उचित तरीके से हाथ धोने सहित स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
जिला मास मीडिया अधिकारी संजीव शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष में दो बार कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाता है। 28 नवंबर को दवाई खाने से छूटे बच्चों को 5 दिसंबर को मॉप-अप दिवस पर दवाई खिलाई जाएगी। उन्होंने शिक्षकों, आईसीडीएस कर्मचारियों और अभिभावकों से अभियान में सक्रिय सहयोग देने और इसकी सफलता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
यह पहल नियमित कृमि मुक्ति और जन जागरूकता प्रयासों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।