पंजाब डेस्कः पंजाब में इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसी बीच जालंधर में स्वाइन फ्लू से सीजन की पहली संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि 85 वर्षीय मरीज की मौत स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के कारण ही हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज को पहले से कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं। इसलिए मौत की सही वजह पता करने के लिए स्वास्थ्य ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत H1N1 संक्रमण के कारण हुई या पहले से मौजूद बीमारियों की वजह से।
जालंधर में 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
जालंधर के जमशेर खास इलाके के ताजपुर गांव के रहने वाले 85 वर्षीय मूल राज को सांस लेने में परेशानी होने के बाद सिविल अस्पताल, जालंधर में भर्ती कराया गया था। मूल राज पहले से ही क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) से पीड़ित थे। इसके अलावा उनकी उम्र अधिक थी और उन्हें कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी थीं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर थी। ऐसे में यह तय करना जरूरी है कि उनकी मौत का मुख्य कारण H1N1 संक्रमण था या उनकी पहले से मौजूद बीमारियां।
स्वास्थ्य ऑडिट के बाद सामने आएगी असली वजह
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी इस मौत को स्वाइन फ्लू से हुई मौत नहीं माना जा रहा है। मामले की पूरी जांच और स्वास्थ्य ऑडिट के बाद अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।अधिकारियों के मुताबिक, बुजुर्ग मरीज को पहले से कई बीमारियां थीं, इसलिए मौत के कारण का सही आकलन करना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी दी जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब में H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस साल सामने आया H1N1 स्ट्रेन अभी तक कोई नया या बदला हुआ यानी म्यूटेटेड स्ट्रेन नहीं पाया गया है। मंत्री के अनुसार, जालंधर में 85 वर्षीय मरीज की मौत का कारण स्वाइन फ्लू होने की संभावना कम है। हालांकि, अंतिम स्थिति स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही स्पष्ट होगी।
पंजाब में अब तक 220 मरीज पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के लिए 1,513 संदिग्ध मरीजों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 220 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। शुक्रवार को ही 14 नए मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। राज्य में सबसे ज्यादा मामले लुधियाना और एसएएस नगर (मोहाली) में सामने आए हैं।
अगस्त से तेजी से बढ़े मामले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पंजाब में स्वाइन फ्लू के मामलों में अगस्त से बढ़ोतरी शुरू हुई। इसके बाद विभाग ने निगरानी और जांच व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की पहचान और इलाज के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें फ्लू या H1N1 संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
अस्पतालों में बनाए गए फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट
बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब के अलग-अलग अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान करना, समय पर उनकी जांच करवाना और जरूरत पड़ने पर उन्हें अलग रखकर इलाज देना है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और आने वाले दिनों में मामलों की संख्या के अनुसार निगरानी और उपचार की व्यवस्था को बढ़ाया जा सकता है।
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