चंडीगढ़: रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की बेनामी संपत्तियों को लेकर अब चंडीगढ़ स्थित सीबीआई मुख्यालय ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी के अधिकारी भुल्लर के घर और विभिन्न तहसील कार्यालयों से बरामद दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व किन व्यक्तियों या अधिकारियों के पास है।
संपत्तियों के कागजात में कई नामों का खुलासा
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को मिले दस्तावेज़ों में जिन संपत्तियों का जिक्र है, वे सीधे तौर पर भुल्लर के नाम पर नहीं हैं। इनमें कई सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। एजेंसी इन सभी को पूछताछ के लिए जल्द ही तलब कर सकती है। फिलहाल विभाग ने इन संपत्तियों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
अन्य अधिकारियों और नेताओं पर भी शक की सुई
सीबीआई ने भुल्लर के आयकर रिटर्न (आईटीआर) की जांच के दौरान पाया है कि कई लेनदेन उनके घोषित आय स्रोतों से मेल नहीं खाते। एजेंसी को संदेह है कि इन संपत्तियों में कुछ राजनेताओं और अधिकारियों की भी आर्थिक हिस्सेदारी हो सकती है। इस कारण जांच का दायरा अब केवल भुल्लर तक सीमित नहीं रहेगा।
नौ घंटे तक चली तलाशी कार्रवाई
सीबीआई ने 23 अक्टूबर को भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित आवास पर करीब नौ घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने घर के हर कोने की जांच की यहाँ तक कि बल्ब, गमलों और एयर कंडीशनरों का भी ब्योरा दर्ज किया गया। जांच टीम ने उनके करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ की।
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फार्महाउस से गायब मिले सीसीटीवी कैमरे
अगले दिन, 24 अक्टूबर को दिल्ली से पहुँची 15 सदस्यीय टीम ने लुधियाना के माछीवाड़ा में स्थित भुल्लर के फार्महाउस पर छापा मारा। हालांकि, वहाँ पहुँचने पर टीम को सभी सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर गायब मिले। तलाशी के दौरान कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ या वस्तु बरामद नहीं हो सकी।
कई जिलों में फैली संपत्तियों की जांच
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, भुल्लर की चंडीगढ़, जालंधर और पटियाला में भी कई संपत्तियाँ हैं। एजेंसी अब इन स्थानों की भूमि और निर्माण की वास्तविक कीमत का आकलन करने के लिए रजिस्ट्री रिकॉर्ड और स्थानीय दस्तावेज़ों की पड़ताल करेगी।

