Last Updated: November 5, 2026

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सरकारी कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई से पहले मिले मौका, अर्श सच्चर ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

August 31, 2026

सरकारी कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई से पहले मिले मौका, अर्श सच्चर ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

फरीदकोट: पंजाब सरकार के पर्सनल डिपार्टमेंट की तरफ से 27 अगस्त, 2026 को सरकारी दफ्तरों में ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के बारे में जारी किए गए पत्र के बाद समाजसेवी और आम आदमी पार्टी फरीदकोट के सीनियर नेता अर्श सच्चर ने पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जी को पत्र लिखकर इस मामले में संवेदनशील और न्यायपूर्ण तरीका अपनाने की गुजारिश की है।

अर्श सच्चर ने कहा कि सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। आम लोग अपने काम के लिए सरकारी दफ्तरों में आते हैं और अधिकारियों की गैरहाजिरी के कारण उन्हें परेशान नहीं होना चाहिए। इसलिए वह प्रशासन में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने की सरकार की भावना का पूरा सम्मान करते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि हर गैरहाजिरी को जानबूझकर अनुशासनहीनता न माना जाए। किसी कर्मचारी के पीछे मेडिकल, पारिवारिक, फील्ड ड्यूटी, एडमिनिस्ट्रेटिव या कोई और वाजिब कारण हो सकता है। इसलिए, कोई भी सख्त डिपार्टमेंटल एक्शन लेने से पहले संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष और गैरहाजिर रहने का कारण बताने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए।

सच्चर ने आगे कहा कि सरकार और सरकारी कर्मचारी एक ही एडमिनिस्ट्रेटिव परिवार का हिस्सा हैं। अगर किसी ने पहली बार गलती की है, तो जहां नियम इजाजत देते हैं, उसे चेतावनी, काउंसलिंग और सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन आदतन गैरहाजिर रहने या जानबूझकर लोगों को परेशान करने के मामलों को नियमों के मुताबिक अलग से देखा जा सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी ने सरकारी कर्मचारियों के साथ जो एग्रीमेंट किया था, उसमें कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान, शिकायत निवारण कमेटियां, कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत, डिपार्टमेंटल लोक अदालतें और ट्रांसपेरेंट एडमिनिस्ट्रेशन जैसे ज़रूरी मुद्दों को प्राथमिकता दी गई थी।

सच्चर ने रिक्वेस्ट की कि इसी भावना से मौजूदा मामले में भी पहले सुनवाई और सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए और फिर नियमों के मुताबिक एक्शन की पॉलिसी पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की बात करना अनुशासनहीनता का समर्थन नहीं है। गुड गवर्नेंस वह है, जहाँ आम लोगों का काम समय पर हो, कर्मचारी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करें और किसी भी कर्मचारी के साथ बिना सुने गलत व्यवहार न हो।

अर्श सच्चर ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जी से अपील की कि सरकारी कर्मचारियों की जायज समस्याओं को सुनने के लिए डिपार्टमेंट लेवल पर एक असरदार शिकायत निवारण सिस्टम पक्का किया जाए, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं को झगड़े का रूप लेने के बजाय बातचीत से सुलझाया जा सके।

आखिर में सच्चर ने कहा कि कर्मचारी भी पंजाब सरकार के परिवार का एक अहम हिस्सा हैं। हमारी बस यही रिक्वेस्ट है कि लोगों को समय पर सर्विस मिले, सरकारी अनुशासन बना रहे और कर्मचारियों के साथ इंसाफ हो। मुझे उम्मीद है कि माननीय मुख्यमंत्री इस रिक्वेस्ट पर हमदर्दी से विचार करेंगे और इसका कोई अच्छा हल निकालेंगे।

📍 Location: Faridkot (Faridkot)

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