पठानकोट : पंजाब सरकार की ओर से प्रदेशभर में 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। पठानकोट जिले में भी धान की खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले की 14 अनाज मंडियों में इस बार किसानों की फसल की सरकारी खरीद की जाएगी। वहीं, खरीद शुरू होने से एक दिन पहले सरना अनाज मंडी में धान की पहली खेप के रूप में करीब 150 क्विंटल धान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार जिले की अन्य मंडियों में धान की आमद अक्टूबर के पहले सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है।
इसका मुख्य कारण इस बार धान की कटाई देर से शुरू होना बताया जा रहा है। जिले की 14 मंडियों में मार्केट कमेटी पठानकोट के अधीन पठानकोट, सरना, कानवां, नारंगपुर, नंगलभूर, भोआ और फिरोजपुरकला मंडियां शामिल हैं। वहीं, मार्केट कमेटी नरोट जैमल सिंह के अधीन नरोट जैमल सिंह, बमियाल, फरवाल, सिहोड़ा कलां और तारागढ़ मंडियों में धान की खरीद होगी। इस बार पंजाब सरकार की ओर से धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब किसानों को धान का एमएसपी 2461 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा।
मार्केट कमेटी पठानकोट के सचिव बलबीर सिंह बाजवा ने बताया कि सभी मंडियों में करीब 50 आढ़तियों को लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। मंडियों में बिजली, पानी और साफ-सफाई सहित तमाम बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। पावरकॉम को सिक्योरिटी जमा करवाने के बाद मंडियों में सब मीटर लगाने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि धान में नमी की निर्धारित सीमा 17 प्रतिशत है। इसलिए किसान फसल की कटाई में जल्दबाजी न करें और धान को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही मंडी में लेकर आएं, ताकि उन्हें बिक्री के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंडियों में बिजली, पानी, सफाई और बारदाने के इंतजाम पूरे :-
जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर राजरिऋी मेहरा ने बताया कि मंडियों में खरीद से संबंधित सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। किस मंडी में कौन सी सरकारी एजेंसी धान की खरीद करेगी, इसकी अलॉटमेंट भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि तिरपाल और बारदाने सहित आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से कर ली गई है। जैसे-जैसे मंडियों में आढ़तियों और धान की आमद बढ़ेगी, उसी के अनुसार बारदाना भी मंडियों में पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार धान की खरीद के बाद किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी तय समय के भीतर पूरी की जाएगी और राशि करीब 24 से 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में पहुंचाने का प्रबंध किया गया है।

