लुधियाना। सरहिंद नहर के किनारे स्थित 165 साल पुराने सरकारी विश्राम गृह को जल संसाधन विभाग ने खुली निविदा के जरिए सात साल के लिए निजी कंपनी को पट्टे पर दिया है। कंपनी की ओर से भवन का नवीनीकरण कर इसे विरासत और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
दोराहा के निवासी राजवीर सिंह मंगत ने कहा कि उनकी कंपनी ट्रिपल ए-1947 ने जल संसाधन विभाग द्वारा जारी एक खुली निविदा के माध्यम से जमीन को सात साल के लिए पट्टे पर लिया था। इस सरकारी विश्राम गृह की स्थिति बहुत खराब थी, जहाँ प्रवासी श्रमिकों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। उन्होंने पिछले 1 महीने से विश्राम गृह के आसपास खाली जमीन में उगाई गई घास और जड़ी-बूटियों को हटाकर उसे समतल किया। इस सरकारी विश्राम गृह का नवीनीकरण शुरू हो गया है और इसे विरासत का रूप देकर यहां एक पर्यटन केंद्र बनाने का प्रस्ताव है।
विश्राम गृह में 4 कमरे हैं, जिन्हें प्राचीन विरासत से जोड़कर तैयार किया जाएगा, जहां पर्यटक रह सकेंगे। इसके अलावा, एक स्टड फार्म, ध्यान केंद्र, बच्चों के खेलने के लिए गतिविधियों के साथ-साथ एक खाद्य केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है। इस धरोहर भवन का उपयोग अन्य चीजों के अलावा फिल्मों और गीतों की शूटिंग के लिए किया जाएगा। 165 साल पुराने इस विश्राम गृह के दरवाजों को नए स्थापित करने के बजाय उनका नवीनीकरण किया जाएगा।
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