Last Updated: November 8, 2026

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IAS Malvinder Singh Jaggi 33 वर्षों की शानदार सेवाओं के पश्चात हुए सेवानिवृत्त

March 31, 2025

IAS Malvinder Singh Jaggi 33 वर्षों की शानदार सेवाओं के पश्चात हुए सेवानिवृत्त

चंडीगढ़ : सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव और पंजाब कैडर के 2005 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी मालविंदर सिंह जग्गी, 33 वर्षों की शानदार सेवाओं के उपरांत 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पटियाला में शिक्षित और बौद्धिक परिवार में जन्मे जग्गी के पिता डॉ. रतन सिंह जग्गी प्रसिद्ध सिख विद्वान हैं। डॉ. जग्गी को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए भारत सरकार द्वारा देश के चौथे सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

घर के प्रेरणादायक और साहित्यिक माहौल ने मालविंदर सिंह जग्गी को बचपन से ही अच्छे गुण और प्रतिबद्धता की सीख दी। प्रारंभिक शिक्षा पटियाला से प्राप्त करने के बाद, श्री जग्गी ने अपने समय के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज जी.एन.ई. लुधियाना से इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा प्राप्त की।

1992 में राज्य की शीर्ष सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर मालविंदर सिंह जग्गी पी.सी.एस. अधिकारी बने। सिविल अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करते हुए, वे 2005 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी के रूप में पदोन्नत हुए। अपने तीन दशकों के शानदार करियर के दौरान उन्होंने फील्ड में लुधियाना के एस.डी.एम., फतेहगढ़ साहिब, मानसा और पठानकोट के ए.डी.सी., नगर निगम लुधियाना और अमृतसर के कमिश्नर तथा फरीदकोट जिले के डिप्टी कमिश्नर के रूप में सेवाएँ दीं।

इन पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने जनता की आवश्यकताओं को समझकर अपनी कुशल सेवाओं के कारण लोकप्रियता प्राप्त की। ऐतिहासिक जिला फरीदकोट में अपने कार्यकाल के दौरान दो बार विश्व प्रसिद्ध बाबा शेख फरीद आगमन पर्व के आयोजन में उनकी सेवाओं को आज भी फरीदकोट के लोग याद करते हैं। उन्होंने हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने और सरकारी कार्यालयों में लोगों की परेशानी को कम करने को प्राथमिकता दी।

फील्ड पोस्टिंग के अलावा, मालविंदर सिंह जग्गी ने विभिन्न विभागों में मुख्यालय में सेवाएँ देते हुए अपनी प्रशासनिक दक्षता से कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल किया। पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर वर्षभर आयोजित भव्य कार्यक्रमों के दौरान, उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में इन समारोहों के प्रबंधन की निगरानी की। सुल्तानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक के अलावा पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों की उन्होंने व्यक्तिगत रूप से निगरानी की और इन सभी धार्मिक एवं ऐतिहासिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई।

मालविंदर सिंह जग्गी ने निदेशक के रूप में विभिन्न विभागों जैसे कि परिवहन, सामाजिक सुरक्षा एवं न्याय, संस्कृति और पर्यटन विभागों की सेवा करने के अलावा पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पुडा के मुख्य प्रशासक के रूप में भी कार्य किया। श्री जग्गी ने सचिव के रूप में सूचना एवं लोक संपर्क, नागरिक उड्डयन, लोक निर्माण विभाग, संस्कृति और पर्यटन, पशुपालन और कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव के रूप में सेवाएँ देते हुए अपनी गहरी छाप छोड़ी।

इस दौरान उन्होंने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया और राज्य के नियोजित शहरी विकास के लिए इस महत्वपूर्ण संस्था का नेतृत्व किया।मालविंदर सिंह जग्गी वर्तमान में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं और आज 31 मार्च को 33 वर्षों की शानदार सिविल प्रशासनिक सेवाओं के पश्चात सेवानिवृत्त हो गए हैं।

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