
Identifies 13 Drug Hotspots, Intensifies Anti-Drug Measures : फरीदकोट। जिले में नशे की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष अभियान की रणनीति तैयार की।
उन्होंने बताया कि जिले में नशे से प्रभावित 13 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 8 फरीदकोट और 5 कोटकपूरा में हैं। इन क्षेत्रों में नशा तस्करी रोकने के लिए पुलिस को औचक निरीक्षण, नाकाबंदी और तलाशी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला प्रशासन नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को मुफ्त इलाज, पुनर्वास और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता सेमिनार व रैलियां आयोजित की जाएंगी। डीसी ने कहा कि नशे की समस्या को खत्म करने के लिए प्रशासन, पुलिस और आम जनता का सामूहिक सहयोग जरूरी है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशीली दवाओं को खत्म करने, जन जागरूकता बढ़ाने और पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास को सुनिश्चित करने पर केंद्रित एक विशेष अभियान शुरू किया है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य जिले के भीतर नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना और नशीली दवाओं के दुरुपयोग से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की दिशा में काम करना है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 13 हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें से 8 फरीदकोट में और 5 कोटकापुरा में हैं।
उन्होंने नशीली दवाओं की समस्या को खत्म करने के लिए सभी विभागों और आम जनता के मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन हॉटस्पॉट में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि इन क्षेत्रों से समस्या को पूरी तरह खत्म किया जा सके। उन्होंने बताया कि इन हॉटस्पॉट के लिए SDM को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जिले में खाली पड़ी इमारतों की भी पहचान की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस विभाग को इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में औचक निरीक्षण, चेकपॉइंट (नाके) लगाने और तलाशी अभियान तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां पुलिस विभाग नशा-विरोधी अभियान के तहत आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करके नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर रहा है, वहीं जिला प्रशासन नशीली दवाओं के दुरुपयोग के जाल में फंसे युवाओं को इस समस्या से बाहर निकलने में मदद करने के लिए मुफ्त इलाज मुहैया कराएगा और उनके पुनर्वास के प्रयास भी करेगा।
उन्होंने बताया कि नशे की लत से उबर रहे युवाओं को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा; इसके अलावा, नशा-विरोधी जागरूकता अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार और जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नशा रोकथाम के बारे में अधिक से अधिक जन जागरूकता बढ़ाने के लिए NGO, क्लबों और अन्य संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।