Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश की अनदेखी स्वीकार नहीं: जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज

July 29, 2026

श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश की अनदेखी स्वीकार नहीं: जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज

अमृतसर: श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंजाब सरकार को बेअदबी से जुड़े कानून के आपत्तिजनक प्रावधानों में ज़रूरी बदलाव करने के लिए दिया गया एक महीने का समय आज खत्म हो गया है, लेकिन राज्य सरकार का इस मामले पर दोबारा बातचीत न करना शासकों के घमंड और सिख भावनाओं के प्रति गंभीरता की कमी को दिखाता है। यह बात श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मीरी पीरी खालसा मार्च के दौरान संगत को संबोधित करते हुए कही। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि सिख समुदाय के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की महानता, गुरु की गोलक और सिख धर्म के सिद्धांत सबसे ऊपर हैं। सिख समुदाय ऐसे कानूनी प्रावधानों को कभी स्वीकार नहीं कर सकता जो इन पवित्र सिद्धांतों को चोट पहुंचाते हैं।

उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने सरकार को आपत्तिजनक प्रावधानों में बदलाव करने के लिए एक महीने का समय दिया था, लेकिन इस मामले पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने साफ किया कि सिख समुदाय “गुरु दोखी और खालसा पंथ” के उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगा जो गुरु की गोलक, सिख संस्थाओं और सिख धर्म के बुनियादी उसूलों को चुनौती देते हैं। सिख पंथ हमेशा गुरु घर की इज्जत, उसूलों और राष्ट्रीय संस्थाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी हर लेवल पर संघर्ष करने के लिए तैयार है।

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पंजाब सरकार से सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए बेअदबी कानून के आपत्तिजनक प्रावधानों में तुरंत जरूरी बदलाव करने और श्री अकाल तख्त साहिब से संपर्क करके इस संवेदनशील मुद्दे का हल निकालने की अपील की। इससे पहले ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली डेरा कार सेवा धर्मकोट (मोगा) से गुरुद्वारा तख्तूपुरा साहिब (मोगा) तक मीरी पीरी खालसा मार्च के अगले पड़ाव के लिए रवाना होते समय संगत को संबोधित भी किया।

इस बीच SGPC के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने अपने भाषण में कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सबसे बड़ी संस्था है, जो किसी सरकार या समय के असर में नहीं है। गुरु के आशीर्वाद से सिखों ने और श्री अकाल तख्त साहिब की गाइडेंस में हमेशा अपने धार्मिक, सामाजिक और पंथिक फैसले लिए हैं। मुगल राज से लेकर ब्रिटिश राज तक और आज तक सरकारों ने सिख संस्थाओं और परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश की है, लेकिन पंथ ने उन्हें कभी कामयाब नहीं होने दिया। गुरु की कृपा और शहीदों की कुर्बानी से सिखों ने सिख संस्थाओं और पंथिक नैतिकता को हमेशा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। आज भी कुछ पंथ विरोधी ताकतें श्री अकाल तख्त साहिब और SGPC की इज्जत और सम्मान को चोट पहुंचाने के साथ-साथ सिखों को गुरु की बात से अलग करने और पंथिक एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।

एडवोकेट धामी ने कहा कि मीरी पीरी खालसा मार्च का मकसद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का संदेश, सिख धर्म के सिद्धांत, पंथिक एकता फैलाना और नई पीढ़ी को गुरु से जोड़ना है। इसके तहत हर चुनाव क्षेत्र में चल रही वहीर धर्म प्रचार लहर के तहत गुरमत समागम भी करवाए जाएंगे। खालसा मार्च निकलने से पहले गुरुद्वारा साहिब में एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने संगत को इतिहास से जोड़ा। शुरुआत में अरदास के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को सिंह साहिब ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने पालकी साहिब में सुशोभित किया और चौर साहिब की सेवा जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने की। इस मौके पर SGPC के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंज प्यारे साहिबों, निशानची सिंहों और खास लोगों को सिरोपे भेंट किए।

📍 Location: AMRITSAR (Amritsar)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें