
बठिंडा: शहर में डामाडोल सीवरेज व्यवस्था व बरसाती पानी की निकासी के लिए पुख्ता प्रबंधो को लेकर नगर निगम की जरनल हाउस बैठक हंगामापूर्ण रही। इसमें सीवरेज बोर्ड व त्रिवेणी को शहर में फैली अव्यवस्था के लिए जिम्मेवार ठहराते दोनों को काम नहीं करने पर कानूनी कार्वाई करने व मामले में लापरवाह अफसरों व अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्वाई करने की चेतावनी दी गई। बैठक में स्थिति यह थी कि सिवरेज बोर्ड व त्रिवेणी कंपनी के अधिकारी पार्षदों की तरफ से उठाए सवालों पर जबाव नहीं दे सके। इसमें सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को कहना पड़ा कि दोनों विभाग भगवान के भरोसे चल रहे हैं व इसमें तैनात अधिकारियों का न तो कोई ग्राउड लेबल पर प्लान है और न ही इसे व्यवहार में लागू करने के लिए किसी तरह की इच्छाशिक्त है।
बैठक के दौरान शहर के हर हिस्से में सीवरेज जाम होने व इस दौरान किसी समस्या का हल नहीं निकालने पर पार्षदों ने पूछा कि सीवरेज बोर्ड व त्रिवेणी कंपनी सीवरेज व रोड जाली की सफाई के लिए लगाई गई मशीनों की जानकारी दे तो इसका समुचित जबाव किसी के पास नहीं था। वही बैठक में हिदायत दी गई कि त्रिवेणी कंपनी व सीवरेज बोर्ड शहर में होने वाली सीवरेज व रोड जाली की सफाई के लिए शड्यूल जारी करे व इसे सभी निगम अधिकारियों व पार्षदों को शेयर किया जाए ताकि पता चल कि शहर में संबंधित क्षेत्न में काम चल रहा है। बैठक के दौरान खेता सिंह बस्ती में बने डिस्पोजल से पानी की निकासी नहीं होने पर भी पार्षदों ने आपित्त जताई।
इसमें सीवरेज बोर्ड के एसडीओ ने बताया कि 2015-16 में त्रिवेणी कंपनी को यहां वर्क अलाट हुआ था लेकिन काम पूरा नहीं किया गया तो सीवरेज बोर्ड ने खेता सिंह बस्ती में डिस्पोजल अपने स्तर पर बनाया। करीब 13.50 किलोमीटर राइजिंग मेन का कनेक्शन दो माह पहले कर दिया लेकिन डेढ़ किलोमीट पेडिंग है। करीब दो करोड़ 8 लाख का एस्टीमैंट पास करवाने के लिए सीवरेज बोर्ड के आला अधिकारियों को भेज दिया है। हेड आफिस से मंजूरी के बाद काम शुरू होगा। इस पर सीनियर डिप्टी मेयर अशोक कुमार ने कहा कि उक्त काम लंबे समय से पेडिंग है इसमें लोगों के विरोध के चलते काम को आगे नहीं बढ़ाया जा सका लेकिन सीवरेज बोर्ड ने इसकी लिखित जानकारी नगर निगम को नहीं दी जिससे करोड़ों रुपए खर्च कर बने डिस्पोजल व राइजिंग मेन का लाभ लोगों को आज तक नहीं मिल सका है। वही अब काम की लागत भी बढ़ गई।
डिप्टी मेयर मास्टर हरमंदर सिंह ने कहा विभाग की मंजूरी व काम शुरू करने में डेढ़ साल लगेगा जबकि हमे आगामी बरसातों के साथ लोगों की समस्या का हल निकालना है। इसके लिए जरूरी है कि आसपास की कोई जमीन ठेके पर लेकर उसमें पानी फैकना शुरू कर दे। इससे लाइने चलनी लगेगी। पांच से दस किले जमीन बाजार रेट से अधिक पर ठेके पर लेकर काम शुरू करे। वही नगर निगम कमिश्वर राहुल ने कहा कि एसटीपी के नजदीक तय रेट से अधिक का ठेका देकर हम समस्या का हल निकालेगे। एसटीपी पर करोड़ों रु पए खर्च हुए है व अब पानी की निकासी का भी प्रबंध करे।
कमिश्नर ने कहा कि सीवरेज बोर्ड एमसी सुरिंदर सिंह छिदा से मिलकर जमीन की तलाश करे। एमसी ठेकेदार बलिजंदर सिंह ने कहा कि त्रिवेणी काम नहीं कर रही न ही फोन उठाया जा रहा है। वही उन्होने सवाल किया कि शहर में कितनी मशीने है जो रोड जाली साफ कर रही है या फिर सीवरेज की सफाई में लगी है। वही सीवरेज बोर्ड व त्रिवेणी इस बाबत समुचित जानकारी देने में नाकाम रही तो पार्षदों ने कहा कि अगर काम नहीं किया व लोगों का नुकसान इसी तरह जारी रहा तो तो हम मजबूरी में जिम्मेवार कंपनी व अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे। बैठक में बताया गया कि त्रिवेणी के पास पांच मशीने हैं लेकिन काम नहीं हो रहा है। कई मशीने आसपास के इलाकों में भेजा गई है जबकि शहर में सीवरेज का बुरा हाल है।