Last Updated: November 6, 2026

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पंजाब बाढ़ में फंसे लोगों की ढाल बनी भारतीय सेना, 67 इन्फैंट्री ब्रिगेड ने रेस्क्यू किए लोग

September 3, 2025

पंजाब बाढ़ में फंसे लोगों की ढाल बनी भारतीय सेना, 67 इन्फैंट्री ब्रिगेड ने रेस्क्यू किए लोग

फाजिल्का Indian Army: जिले के बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत कार्यों को तेज़ी देते हुए भारतीय सेना की 67 इन्फैंट्री ब्रिगेड, जिसकी कमान कर्नल सुशील चंदवानी के हाथों में है, लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। ग्रामीण इलाकों में पानी में घिरे परिवारों को सेना ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू कर सुरिक्षत स्थानों तक पहुंचाया। सेना की नावें और बचाव दल गाँवों तक पहुंचे, जहां सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका था।

महिलाएँ, छोटे बच्चे और बुज़ुर्गों को प्राथमिकता के साथ बाहर निकाला गया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाकर पैकेटबंद भोजन और स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। सबसे अहम पहलू यह है कि सेना ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया है। बाढ़ के बाद बीमारियों के फैलने का खतरा देखते हुए 67 इन्फैंट्री ब्रिगेड ने जगह-जगह मेडिकल कैम्प स्थापित किए हैं।

डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ग्रामीणों की जाँच कर रही है और दवाइयाँ वितरित की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को राहत के साथ-साथ सुरक्षा का एहसास भी हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ‘‘सेना आई तो हमारी जान बची, वरना पानी हर घंटे बढ़ रहा था।’’ कर्नल सुशील चंदवानी के नेतृत्व में यह अभियान दिखाता है कि भारतीय सेना केवल सीमाओं की रखवाली ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की रक्षा में भी सबसे आगे है।

21,562 लोग बाढ़ से प्रभावित, 2422 को सुरक्षित निकाला
फाजिल्का: जिले में बाढ़ की मार ङोल रहे हजारों परिवारों के लिए जिला प्रशासन लगातार राहत कार्य चला रहा है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के स्पष्ट निर्देशों अनुसार हर जरूरतमंद तक राहत सामग्री समय पर पहुंच रही है। प्रशासन की टीमों ने अब तक 6196 राशन किटें प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई हैं। पशुओं के लिए 3278 बैग कैटल फीड, 1118 क्विंटल हरा चारा और राहत शिविरों में आवश्यकता अनुसार तूड़ी उपलब्ध करवाई गई है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि जिले की 21,562 आबादी सीधे तौर पर बाढ़ से प्रभावित हुई है। इनमें से 2422 लोगों को एनडीआरएफ और आर्मी की टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला। वर्तमान में 1304 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जहां उन्हें लंगर, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रशासन की ओर से दी जा रही हैं।

इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी ने नूर शाह बंध का दौरा कर राहत कार्यो का जायजा लिया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने ढाणी बचन सिंह और कांवा वाली पत्तन का भी दौरा किया। डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि एनडीआरएफ, आर्मी और जिला प्रशासन की नावों के माध्यम से नदी पार के गांवों तक राशन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में पानी का स्तर अधिक होने के कारण केवल प्रशिक्षित एनडीआरएफ कर्मी ही इन नावों को चला सकते हैं। इसलिए ग्रामीणों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की गई है कि जो भी सामग्री भेजनी हो, उसे एनडीआरएफ टीमों के माध्यम से ही भेजें ताकि सुरक्षा बनी रहे। गौरतलब है कि इस समय हुसैनीवाला से सतलुज नदी में लगभग 2,73,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसकी वजह से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। इस अवसर पर सहायक आयुक्त (जनरल) अमनदीप सिंह मावी भी मौजूद रहे।

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