लुधियाना: पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को लुधियाना पहुंचकर बुड्ढा दरिया पुनरुत्थान प्रोजैक्ट की समीक्षा की। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल सहित कई विभागों के सीनियर अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मेयर इंदरजीत कौर, प्रमुख सचिव विवेक प्रताप सिंह, डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। राज्यपाल कटारिया ने बुड्ढा दरिया को प्रदूषित करने वाले उद्योगों और डेयरी इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजैंसियों के सामूहिक प्रयासों के बावजूद प्रदूषण को रोकने के लिए दोषियों को जवाबदेह ठहराना जरूरी है।
उन्होंने दरिया के 14 किलोमीटर के हिस्से की तुरंत हदबंदी करने के निर्देश दिए, जिस पर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने आश्वासन दिया कि यह कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। डीसी ने राज्यपाल को बताया कि ताजपुर रोड के पास एक बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना है ताकि पानी में गोबर फेंकने की समस्या को समाप्त किया जा सके। इस प्रोजैक्ट के लिए साइट का चयन नगर निगम और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के सहयोग से लगभग अंतिम चरण में है।
नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने बताया कि अवैध रूप से गोबर फैंकने के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अगले हफ्ते तक घर-घर गोबर इकट्ठा करने के लिए टैंडर लगाए जाएंगे। अब तक 100 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और दोषी डेयरियों पर भारी जुर्माने लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लुधियाना के सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट्स (एसटीपी) की कुल क्षमता 703 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है, जिससे दरिया की सफाई में मदद मिल रही है।
पीपीसीबी, सीवरेज बोर्ड और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत रिपोर्टें प्रस्तुत कीं। राज्यपाल कटारिया ने निर्देश दिया कि सभी विभाग मिल-जुलकर काम करें और प्रोजैक्ट की प्रगति को तेजी से आगे बढ़ाएं। उन्होंने घोषणा की कि अगली समीक्षा बैठक दिसंबर 2025 में आयोजित की जाएगी। इससे पहले दिन में राज्यपाल ने ताजपुर रोड संगत घाट का भी दौरा किया और इस पहल के लिए संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों की सराहना की।
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