पंजाब डेस्क : जालंधर कैंटोनमेंट क्षेत्र में देर रात अवैध खनन किए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासन सतर्क हो गया। आम आदमी पार्टी की रीजनल इंचार्ज राजविंदर कौर थियारा खुद मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायज़ा लेते हुए पुलिस टीम को तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया। छापेमारी के दौरान एक पोकलेन मशीन और पाँच टिपर ट्रक ज़ब्त किए गए।
सूत्रों के अनुसार, राजविंदर कौर को रात लगभग 1 बजे पार्टी के एक कार्यकर्ता ने फोन कर इलाके में हो रही अवैध खुदाई के बारे में जानकारी दी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि ज़मीन करीब 7 फीट तक काटी जा चुकी थी और मिट्टी ट्रकों में भरी जा रही थी। उनकी मौजूदगी का पता चलते ही खनन में शामिल लोग रात के अंधेरे में मशीनरी और वाहन छोड़कर फरार हो गए।
स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी जसबीर सिंह ने पुष्टि की कि घटनास्थल से बरामद सभी मशीनें और वाहन जब्त कर लिए गए हैं तथा भागे हुए आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राजविंदर कौर थियारा ने कहा कि किसी भी सूरत में अवैध माइनिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस से पंजाब सरकार की नई खनन गाइडलाइंस के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पंजाब की संशोधित माइनिंग पॉलिसी: मुख्य प्रावधान
जमीन मालिकों को अपनी ही भूमि पर माइनिंग की अनुमति दी गई है।
क्रशर यूनिट मालिकों को अब सिर्फ उन्हीं भूमि मालिकों से लीज लेकर खनन करने की छूट होगी।
उद्देश्य: अवैध माइनिंग में कमी लाना और बाहर से रेत-बजरी आयात पर निर्भरता घटाना।
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अक्टूबर 2025 से लागू नए नियम:
सभी माइनिंग और ट्रांसपोर्ट गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य।
ट्रकों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाना जरूरी।
नियम तोड़ने वालों पर अधिकतम ₹5 लाख का जुर्माना या रॉयल्टी लागू।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ये नियम न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगाएंगे, बल्कि निर्माण सामग्री की कीमतों को भी स्थिर रखने और सरकारी राजस्व बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

