चंडीगढ़: विदेश में रोजगार दिलाने का सपना दिखाकर सैक्टर 22 स्थित इमिग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म ने पंजाब निवासी एक व्यक्ति से 50,70,000 लाख रु पए की ठगी कर ली। पीड़ित गुरजीत सिंह ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी थी। जिस पर सैक्टर 17 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। गुरदासपुर के गांव बभेहाली के निवासी गुरजीत सिंह ने बताया कि वह वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के ऊना में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनके साथ चार अन्य व्यक्तियों ने इंग्लैंड का वर्क वीजा दिलवाने के लिए सैक्टर 22 स्थित मेसर्स प्लैनेट गाइड ओवरसीज की सेवाएं लीं।
फर्म की ओर से हरसिमरत कौर, गुरविंदर सिंह, अनमोल और नेहा नामक कंसल्टेंट्स ने दावा किया कि पांच लोगों के लिए कुल 50,70,000 की राशि में इंग्लैंड का वर्क वीजा उपलब्ध करवाया जाएगा। इस भरोसे पर गुरजीत सिंह ने दिसंबर 2024 तक उक्त राशि चेक और नकद के माध्यम से फर्म के बैंक खाते में जमा कर दी। शिकायत के अनुसार राशि प्राप्त करने के बाद फर्म के प्रतिनिधियों ने फोन उठाने बंद कर दिए और लगातार टालमटोल करने लगे। यहां तक कि पांचों आवेदकों के मूल पासपोर्ट भी ले लिए गए, लेकिन तीन महीनों के बाद भी वीजा उपलब्ध नहीं कराया गया। जब गुरजीत सिंह ने फर्म से पैसा वापस करने की मांग की तो कर्मचारियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि गुरविंदर सिंह और उसकी टीम ने कई अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी की है और अब फर्म उस फाइल पर आगे काम नहीं कर सकती।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब वह अपने पिता के साथ फर्म के कार्यालय में पैसा वापस मांगने गए तो उनके साथ र्दुव्यवहार और धमकी दी गई। गुरजीत सिंह ने पुलिस को यह भी बताया कि फर्म द्वारा जाली दस्तावेजों और फर्जी निवेश प्रमाणपत्रों को दिखाकर भरोसा दिलाया गया और बड़ी चतुराई से पैसा ऐंठा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्म ने न केवल इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन किया, बल्कि अभ्यिर्थयों को झूठे सपने दिखाकर ठगी की। पीड़ित की शिकायत पर सैक्टर 17 थाना पुलिस ने सैक्टर 22 स्थित मेसर्स प्लैनेट गाइड ओवरसीज और उसके जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धमकी और इमिग्रेशन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

