
लुधियानाः जिले में गैर-कानूनी माइनिंग, गाड़ियों की ओवरलोडिंग, बिना इजाजत के ट्रैफिक रूट और माइनिंग साइट्स की सीमाओं पर कब्ज़े को रोकने के लिए आज डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स में एक रिव्यू मीटिंग हुई।
मीटिंग के दौरान साफ निर्देश दिए गए कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग ऑफिसर से जारी कम्प्लायंस सर्टिफिकेट के बिना किसी भी कमर्शियल माइनिंग साइट (CMS) को चलने नहीं दिया जाएगा। माइनिंग डिपार्टमेंट और वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट को सर्टिफिकेट जारी करने से पहले सभी तय नियमों और शर्तों को वेरिफाई करने और उनका पालन पक्का करने के लिए कहा गया। बिना ज़रूरी सर्टिफिकेट के चल रही साइट्स को बंद करने के साथ-साथ लागू नियमों के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
माइनिंग डिपार्टमेंट को निर्देश दिया गया कि सभी टिपर पर सही रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट, चालू GPS डिवाइस और तिरपाल कवर होना चाहिए। इसके अलावा, वज़न तौलने वाले कांटे से चेक करके ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगाने के लिए कहा गया।
SDMS और रेवेन्यू डिपार्टमेंट को माइनिंग साइट्स की सीमाओं को जियो-टैग करने और वहां परमानेंट बाउंड्री पिलर लगाने के निर्देश दिए गए। पुलिस डिपार्टमेंट को मंज़ूर ट्रैफिक रूट और सूरज डूबने के बाद लगाई गई पाबंदियों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया। मीटिंग में माइनिंग एक्टिविटीज़ पर नज़र रखने के लिए CCTV कैमरों और नाइट विज़न ड्रोन से निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।
डिप्टी कमिश्नर ने SDMs, पुलिस, माइनिंग और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट्स को मिलकर सरप्राइज़ इंस्पेक्शन करने और हर हफ़्ते कम्प्लायंस ऑडिट पक्का करने को कहा। उन्होंने साफ़ किया कि सभी संबंधित डिपार्टमेंट्स तय नियमों का पालन पक्का करने के लिए कोऑर्डिनेशन से काम करें।
📍 Location: Ludhiana
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