फरीदकोट: सिविल सर्जन फरीदकोट डॉ. रमणदीप सिंगला और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. हुसन पाल के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गईं।
स्वास्थ्य ब्लॉक जंड साहिब के विभिन्न सरकारी, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों के अलावा कॉलेजों, आईलेट्स सेंटरों, आंगनवाड़ी केंद्रों तथा स्लम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी अभियान के तहत दवा दी गई। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है।
सरकारी स्कूल किला नौ में बच्चों को दी गई दवा
सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं पीएचसी जंड साहिब के प्रभारी डॉ. अर्शदीप सिंह बराड़, डॉ. गगन बजाज और डॉ. संदीप कुमार के नेतृत्व में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल किला नौ में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गईं।
डॉ. अर्शदीप सिंह बराड़ ने बताया कि 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की एक पूरी गोली, जबकि 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य कोई भी पात्र बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे।
पेट के कीड़ों से हो सकती है कमजोरी और खून की कमी
डॉ. बराड़ ने बताया कि पेट के कीड़े बच्चों में खून की कमी, कुपोषण तथा शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में कमजोरी का कारण बन सकते हैं। एल्बेंडाजोल की खुराक पेट के कीड़ों की रोकथाम में मदद करती है और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को स्वच्छता संबंधी सावधानियां अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने, खुले में शौच से बचने, भोजन को ढककर रखने, नाखून छोटे रखने, स्वच्छ पानी पीने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने से पेट के कीड़ों से बचाव किया जा सकता है।
17 अगस्त को होगा विशेष मॉप-अप राउंड
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि किसी कारणवश जिन बच्चों को अभियान के दौरान एल्बेंडाजोल की खुराक नहीं मिल पाई, उन्हें 17 अगस्त को विशेष मॉप-अप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी। विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस स्वास्थ्य अभियान में जरूर शामिल करवाएं।
खाली पेट न खिलाएं एल्बेंडाजोल की गोली
ब्लॉक एजुकेटर जंड साहिब राजिंदर कुमार ने बताया कि एल्बेंडाजोल की गोली बच्चों को खाली पेट नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए जिस दिन बच्चों को दवा दी जानी है, उस दिन उन्हें स्कूल खाली पेट नहीं भेजना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों के कारण कई बच्चों में भोजन की मात्रा कम होने से कमजोरी, खून की कमी और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने अभिभावकों से स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान में सहयोग करने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लिया हिस्सा
इस अवसर पर डॉ. दीपशिखा, डॉ. आंचल, स्कूल प्रिंसिपल अनुराधा, दिलप्रीत सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्करों ने भी अभियान में भाग लिया।
📍 Location: Faridkot (Faridkot)