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नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पर बोला तीखा हमला, जानें क्या कहा…

Navjot Kaur Sidhu

Navjot Kaur Sidhu

पंजाब डेस्क। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने शनिवार (31 जनवरी) को अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। पार्टी छोड़ते समय उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर गंभीर आरोप लगाए। नवजोत कौर सिद्धू ने राजा वड़िंग को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि वड़िंग अब तक के सबसे घिनौने, अक्षम और भ्रष्ट अध्यक्ष हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी को कमजोर और बर्बाद किया। खुद को जेल जाने से बचाने के लिए उन्होंने पार्टी के हितों से समझौता किया।

निलंबन की साजिश का आरोप
नवजोत कौर सिद्धू ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ निलंबन पत्र तैयार रखा गया था। लेकिन उन करीब 12 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू को नुकसान पहुंचाने के लिए बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ काम कर रहे थे। बल्कि, उन नेताओं को बड़े पद देकर पुरस्कृत किया गया। उन्होंने कहा कि उनके पास राजा वारिंग को बेनकाब करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन अब उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं क्योंकि वे कांग्रेस छोड़ चुकी हैं।

 

चुनाव में हराने की साजिश?
नवजोत कौर सिद्धू ने आरोप लगाया कि उनकी सीट पर जानबूझकर ऐसे लोगों को बैठाया गया ताकि वे चुनाव हार जाएं। आशु, चरणजीत सिंह चन्नी, राजिंदर कौर भट्टल, डॉ. गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि वे खुले तौर पर पार्टी नेतृत्व को चुनौती देते रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजा वारिंग अब लोगों के बीच मजाक का पात्र बन चुके हैं।

“मैं वाहेगुरु जी के प्रति जवाबदेह हूं”
कांग्रेस छोड़ने के फैसले को लेकर नवजोत कौर सिद्धू ने कहा वे किसी भी राजनीतिक दल के नेता से निजी फायदे के लिए नहीं मिलीं। न भाजपा, न आम आदमी पार्टी और न ही किसी अन्य पार्टी ने उनसे संपर्क किया। वे अपने अंतरात्मा और व्यक्तिगत सोच के आधार पर फैसला ले रही हैं। वे खुद को केवल वाहेगुरु जी के प्रति जवाबदेह मानती हैं।

अब राजनीति नहीं, समाज सेवा पर ध्यान
उन्होंने कहा कि अब वे एक गैर सरकारी संगठन (NGO) बनाकर पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हैं। गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को समझकर जीवन में अपनाना चाहती हैं। संतों की संगति में रहकर आध्यात्मिक विकास करना चाहती हैं। हाल ही में उन्होंने भगवद गीता के उपदेशों पर तीन दिन बिताए। उन्हें प्रेमानंद महाराज जी जैसे संतों का आशीर्वाद भी मिला। नवजोत कौर सिद्धू के अनुसार, अब उनका मकसद राजनीति नहीं बल्कि निस्वार्थ सेवा और आत्मिक उन्नति है। वे पंजाब के लोगों के लिए काम करना चाहती हैं, लेकिन राजनीतिक मंच से नहीं।

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