चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज आगामी धान सीजन को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में धान की रोपाई का सीजन 1 जून से शुरू होगा, जबकि किसान 15 मई से धान की सीधी बुवाई (डायरेक्ट सीडिंग) कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान सीधी बुवाई अपनाएंगे, उन्हें 8 घंटे निर्बाध बिजली और नहरी पानी की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए राज्य को चार जोनों में विभाजित किया गया है।
जोन अनुसार बुवाई का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:
पहला जोन: 15 मई से 31 मई तक सीधी बुवाई
दूसरा जोन (1 जून से): गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर
तीसरा जोन (5 जून से): फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का
चौथा जोन (9 जून से): लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर
मुख्यमंत्री ने जल संसाधनों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस बार हरियाणा ने अपने हिस्से का 70% पानी उपयोग कर लिया है और अतिरिक्त पानी की कोई मांग नहीं की गई है।
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उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में 6300 करोड़ रुपये पाइपलाइन, नहरों और जल प्रबंधन से जुड़े ढांचे पर खर्च किए हैं। 1 मई से नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है ताकि किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। भूमिगत जल स्तर को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में भूजल स्तर 2 से 4 मीटर तक ऊपर आया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक नहरी पानी का उपयोग करें, ताकि भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।