
Pensioners’ struggle against the government intensifies : मोगा। पंजाब गवर्नमेंट पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक में पुरानी पेंशन बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का ऐलान किया गया। पेंशनर नेताओं ने कहा कि 23 अगस्त को जिलेभर के पेंशनर सतौज की ओर कूच करेंगे। वहीं, सरकार की नीतियों और वित्त विभाग के पत्र के विरोध में भी नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष भजन सिंह गिल और महासचिव सुरिंदर राम कुस्सा ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों को लेकर चल रहे संघर्ष को दबाने के बजाय सरकार को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा संघर्षरत कर्मचारियों को ‘एंटी स्टेट’ कहे जाने की कड़ी निंदा की। नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकार है। भजन सिंह गिल ने कहा कि पेंशनरों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने 17 जुलाई 2020 के पत्र को रद्द करवाने के लिए प्रदेशभर में किए गए विरोध, 29 जुलाई को संगरूर में पेंशनरों की रैली तथा 7 अगस्त को चंडीगढ़ में हुई विशाल रैली का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों ने सरकार तक कर्मचारियों और पेंशनरों की आवाज मजबूती से पहुंचाई है।
सुरिंदर राम कुस्सा ने वित्त विभाग की ओर से जारी पत्र को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पत्र महंगाई भत्ते संबंधी न्यायालय के फैसले को लागू करने में अड़चन पैदा करने वाला है। उन्होंने इसके विरोध में 24 अगस्त को वित्त मंत्री के साथ होने वाली संयुक्त फ्रंट की बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की। पेंशनर नेताओं प्रेम कुमार, जोरावर सिंह, गुरदीप सिंह दौधर, बलबीर सिंह मोगा, सुखचैन सिंह हीरा, नायब सिंह और बिक्कर सिंह माछीके ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 23 अगस्त को मोगा जिले के पेंशनर सतौज की ओर कूच करेंगे। उन्होंने बताया कि पेंशनरों की बस सुबह 7 बजे मोगा से रवाना होगी, जो करीब 7:30 बजे बाघापुराना और 8 बजे निहाल सिंह वाला पहुंचेगी। इसके बाद पेंशनर सतौज के लिए रवाना होंगे।जिला प्रेस सचिव एवं पूर्व डीपीआरओ ज्ञान सिंह ने डीसी कार्यालय मोगा के बाहर पीएसएमएसयू के धरने में पेंशनर्स एसोसिएशन की भरपूर भागीदारी की सराहना की।
उन्होंने इसे संघर्ष के दौरान कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के बीच भाईचारे एवं एकजुटता का प्रतीक बताया।बैठक के दौरान दिवंगत सुरजीत कौर बधनी कलां, अमरजीत सिंह संधू, तेजा सिंह कोकरी कलां, सुरजीत सिंह मोगा, गुरबचन सिंह चिंतन, हरदेव सिंह दुन्नेके, प्रिंसिपल अजमेर सिंह और अमृत कौर मोगा को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।इस मौके पर अमर सिंह रणियां, प्रीतम सिंह कैथ, मुकंद सिंह दीना, जसवंत सिंह बाघापुराना, जसवंत सिंह बिलासपुर, इंद्रजीत सिंह मोगा, सुरिंदर पाल सिंह बाघापुराना, सुरजा राम, राम वरन, जसपाल सिंह कंडा, बलदेव सिंह रोडे, मेहर सिंह, बलौर सिंह, शमशेर सिंह सिद्धू, मनजीत सिंह धर्मकोट, बलविंदर सिंह गिल, हरदर्शन सिंह, केवल सिंह, कंवर सिंह, गुरमति सिंह, गुरदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...