
Population control law : जालंधर उत्तर से कांग्रेस विधायक अवतार सिंह जूनियर ने पंजाब में जनसंख्या नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए कानून बनाने की मांग करते हुए एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया है और इसमें दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले दंपतियों के लिए कई दंड हैं। यह विधेयक पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा को सौंपा गया।
ये मिलेगी सजा-
इस विधेयक में दो जीवित बच्चों के बावजूद तीसरा बच्चा पैदा करने वाले दंपतियों के लिए विभिन्न दंडों का उल्लेख किया जाएगा। दंडों में मतदान से अयोग्यता, राज्य विधानसभा, पंचायत या नगर निगमों के चुनाव लड़ने से अयोग्यता, किसी भी सरकारी कल्याण कार्यक्रम तक पहुंच; सरकारी या सरकारी वित्तपोषित संस्थानों में नियुक्ति और राज्य द्वारा वित्तपोषित छात्रवृत्ति, फेलोशिप या राज्य द्वारा वित्तपोषित शैक्षिक प्रोत्साहन जैसी सेवाओं से अयोग्यता शामिल है।
10 लाख रुपये का जुर्माना –
‘जनसंख्या नियंत्रण विधेयक 2025’ शीर्षक वाले इस विधेयक में प्रत्येक अतिरिक्त बच्चे के जन्म पर न्यूनतम 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है। यह प्रत्येक जिला सिविल अस्पताल में परिवार नियोजन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करेगा, गर्भनिरोधक और अन्य परिवार नियोजन उपायों से संबंधित रणनीति तैयार करेगा और पात्र दंपतियों के लिए परामर्श सत्र आयोजित करेगा।
नियम का पालन करने वाले को नकद प्रोत्साहन-
विधेयक में दो बच्चों के नियम का पालन करने वाले परिवारों के लिए प्रोत्साहन भी शामिल है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार जो दो बच्चों के नियम का पालन करते हैं, वे सीधे नकद प्रोत्साहन के पात्र होंगे, जबकि आम जनता कम ब्याज दरों पर ऋण, कर छूट और अतिरिक्त अनुदान जैसे लाभ उठा सकती है।
जनसंख्या वृद्धि और अपराध का सीधा संबंध-
विधायक ने कहा, “जनसंख्या वृद्धि राज्य के संसाधनों को भी प्रभावित कर रही है। यदि जनसंख्या को नियंत्रित किया जाता है, तो गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विकास के लिए अधिक संसाधनों का उपयोग किया जा सकता है…” एक शोध का हवाला देते हुए जूनियर ने कहा कि “जनसंख्या वृद्धि और अपराध के बीच सीधा संबंध है”। उन्होंने तर्क दिया कि यदि जनसंख्या कम हो जाती है, तो इससे पंजाब में अपराध, बेरोजगारी और बढ़ती नशाखोरी जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं।
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