चंडीगढ़: पंजाब में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। PUNBUS और PRTC के अनुबंधित कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे राज्यभर में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बैठकें होने के बावजूद अब तक उनकी मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है।
हड़ताल के चलते पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की लगभग 3,000 बसें सड़कों से नदारद हैं। इससे न केवल आम यात्रियों को दिक्कत हो रही है, बल्कि छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों की दिनचर्या भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें?
प्रदर्शन कर रहे अनुबंधित कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें हैं, जिन पर बीती रात प्रमुख सचिव के साथ बैठक में सहमति बन चुकी है। हालांकि यूनियन का कहना है कि जब तक सरकार इन मांगों पर आधिकारिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा, वे ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
इससे पहले, 7 अगस्त को यूनियन ने प्रतीकात्मक रूप से दो घंटे की हड़ताल कर सरकार को चेतावनी दी थी। इसके बाद 13 अगस्त को परिवहन विभाग ने बैठक के लिए आमंत्रित किया, लेकिन 14 अगस्त से सभी डिपो को बंद कर पूर्ण हड़ताल शुरू कर दी गई।
आम जनता की बढ़ी मुश्किलें
हड़ताल की वजह से पंजाब के कई शहरों और कस्बों में बस सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं। निजी वाहनों और ऑटो रिक्शा की मांग में अचानक इज़ाफा हुआ है, जिससे किराए भी बढ़ गए हैं। यात्रियों का कहना है कि उन्हें न सिर्फ अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, बल्कि घंटों इंतजार करना भी पड़ रहा है।