चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है। आपको बता दें कि यह सत्र मुख्य रूप से हाल ही में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों पर केंद्रित रहेगा। प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों में आई इस बाढ़ ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया है, जबकि लाखों एकड़ खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। वहीं बाढ़ से अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है और बिजली, स्कूल, अस्पताल, सड़कों व पुलों सहित कई बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँची है।
सदन में बोल रहे CM भगवंत मान
सदन में बोल रहे CM भगवंत मान, बाढ़ से पंजाब के किसानों को भारी नुक्सान हुआ।
‘ BBMB की मनमानी से फैसले नहीं ले पाए’ – बरिंदर गोयल
गोयल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पंजाब को मदद देने की बजाय बाढ़ के लिए दोषी ठहराने का काम किया। “10 लाख क्यूसेक से अधिक पानी नालों और खड्डों में आ गया था, जिससे धुस्सी बांधों का ओवरफ्लो होना तय था। लेकिन इसके बावजूद केंद्र ने सहयोग की बजाय आरोपों का रास्ता चुना।”
उन्होंने पीएम मोदी के रवैये पर भी सवाल उठाए, “प्रधानमंत्री ने बाढ़ के बाद पंजाब का दौरा करने में देरी की और सोशल मीडिया पर भी पंजाब के लिए कोई सहानुभूति नहीं दिखाई। सिर्फ 1600 करोड़ रुपये की राहत देकर चले गए।”
विपक्ष ने भी उठाए सवाल, बताया ‘प्रबंधन की विफलता’
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मौसम विभाग पहले ही चेतावनी दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक तैयारी न के बराबर रही। बाजवा ने केंद्र द्वारा राज्य को भेजी गई एसडीआरएफ की राशि का हवाला देते हुए पूछा, “जब केंद्र से 9000 करोड़ और राज्य के हिस्से को मिलाकर करीब 12,000 करोड़ की राहत राशि थी, लेकिन बावजूद इसके केंद्र और पंजाब एक दूसरे पर आरोप लगाने में लगे हुए हैं लेकिन इसमें पंजाब के लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज से शुरू
पंजाब विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू हो गया है। पंजाब विधानसभा की शुरुआत में सबसे पहले दिवंगत शख्सियतों को श्रद्धांजलि दी गई। उनमें पूर्व मंत्री सरदार हरमेल सिंह टौहड़ा, रघुबीर सिंह, भानु प्रताप सिंह मनकोटिया (लेफ्टिनेंट कर्नल), शहीद दलजीत सिंह (ALD), शहीद रिंकू सिंह (लांसनायक), शहीद प्रितपाल सिंह (लांसनायक), हरमिंदर सिंह (सिपाही), जसविंदर सिंह भल्ला (अभिनेता कॉमेडियन) और संगीतकार चरणजीत आहूजा शामिल हैं।
मंत्री बीरेंद्र गोयल ने चर्चा की शुरुआत की
दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा सत्र की कार्यवाई 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
आपको बता दें कि यह सत्र मुख्य रूप से हाल ही में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों पर केंद्रित रहेगा। प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों में आई इस बाढ़ ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया है, जबकि लाखों एकड़ खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। वहीं बाढ़ से अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है और बिजली, स्कूल, अस्पताल, सड़कों व पुलों सहित कई बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँची है।
बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे को लेकर हो सकती है चर्चा
पंजाब सरकार ने केंद्र से राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए 20,000 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने मात्र 1,600 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। इस अंतर को लेकर सत्र में सभी दलों द्वारा गंभीर चर्चा की जाएगी और भविष्य की रणनीति पर आम सहमति बनाने का प्रयास होगा। बाढ़ के कारणों, बांधों की मौजूदा स्थिति और आने वाले समय में बचाव उपायों पर भी विस्तृत विमर्श की योजना है।
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